लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद की समीक्षा के दौरान डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने कहा कि राइस मिल वाले मंडी समिति में धान खरीद सकते हैं, लेकिन बाहर या राइस मिल पर किसानों से धान नहीं खरीदेंगे। यदि कोई राइस मिल मालिक नियम विरुद्घ तरीके से धान खरीदता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में किसानों ने आढ़तों पर व्यापारियों द्वारा 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदे जाने का मामला उठाया।
समीक्षा बैठक में डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने कहा कि किसान धान बेचने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें। जनपद में कुल 114 धान खरीद केंद्र क्रियाशील हैं। वहीं 32 क्रय केंद्र और खोलने की प्रक्रिया चल रही है। किसान खेतों से हरा धन कदापि ना काटें। पकने के बाद ही धान की कटाई करें। उन्होंने कहा कि किसान सबसे पहले क्रय केंद्रों पर अपना धान विक्रय के लिए ले जाएगा। यदि उसका धान अधोमानक है, तो पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिये उसके धान का वाजिब व अधिकतम मूल्य दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस दौरान किसानों ने नीलामी में व्यापारियों द्वारा उल्टी बोली लगाए जाने की शिकायत की। इस पर डीएम ने मंडी सचिव सुधांशु कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए कि नीलामी प्रक्रिया में उल्टी बोली नहीं लगेगी। इसे प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराएं।
एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि पंजीकरण में आधार से लिंक मोबाइल नंबर ही वैध है। आधार लिंक बैंक खाते में ही पीएफएमएस के जरिए भुगतान भेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेेजा जाएगा। एफसीआई के जिला प्रबंधक ने धान के मानक की बारीकियां बर्ताईं। बैठक में एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह, अखिलेश यादव, रेनू, दिग्विजय सिंह, पंकज श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ लालमणि पांडेय, एआर कोऑपरेटिव सूर्य नारायण मिश्र, एफसीआई जिला प्रबंधक मनमीत सिंह, पीसीएफ प्रबंधक अंकुर कंचन, यूपीएसएस प्रबंधक वेद प्रकाश निगम, पीसीयू प्रबंधक पंकज कुमार, मंडी सचिव सुधांशु कुमार सहित राइस मिल मालिक व किसान मौजूद रहे।
सरकारी खरीद में बटाईदार की सुविधा समाप्त
बटाईदार या जिनके नाम जमीन नहीं है, ऐसे व्यक्ति सरकारी क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेच पाएंगे। डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि पिछले वर्षों में बटाईदार को क्रय केंद्र पर उपज बेचने की सुविधा दी गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह सुविधा समाप्त कर दी गई है। अब सिर्फ वही लोग क्रय केंद्र पर धान बेच पाएंगे, जिनके नाम जमीन है। जिन किसानों ने गन्ना की फसल बोई है, लेकिन धान नहीं है, तो ऐसे किसान भी क्रय केंद्र पर धान नहीं बेच सकेंगे।