रात 12 बजे लटका मिला था शव
हॉस्टल प्रबंधन के मुताबिक रात करीब नौ बजे तक खाना खाकर सभी छात्र अपने कमरे में सोने चले जाते हैं। रविवार रात भी यही हुआ। लेकिन 12 बजे गौरव के भाई सुमित को उसी कमरे में रहने वाले दोस्त ने जगाकर बताया कि उसका भाई फंदे से लटका हुआ है। जैसे ही उसने छुआ, मफलर से बने फंदे से गौरव का शव धड़ाम से गिर पड़ा। सुमित ने तुरंत हॉस्टल में ही रहने वाले प्रबंधक हरमोहन खुराना को सूचना दी।
उन्होंने फोन पर पुलिस को जानकारी दी, फिर परिजनों को बताया। सुबह जब तक परिजन पहुंचे, टीचिंग स्टाफ भाग चुका था। छोटे से कमरे में दो तख्त पड़े हैं, उन पर चारों बच्चे सोते हैं। कमरे में बेंच के ऊपर एक और बेंच रखी थी, उसपर गौरव का मफलर के सहारे पंखे से शव लटक रहा था। मृतक के भाई ने बताया कि साथ में झखरा थाना फूलबेहड़ व चुरईपुर थाना मैगलगंज निवासी दो छात्र और रहते हैं। उनमें से एक कक्षा तीन का छात्र है, जबकि एक नर्सरी का। कक्षा तीन के छात्र ने ही सुमित को जगाया था।
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रविवार देर रात जैसे ही गौरव राज की मौत की जानकारी मिली, परिजन ट्रैक्टर-ट्रॉली और निजी वाहनों पर सवार होकर ग्रामीणों के साथ विद्यालय पहुंचे। रोते बिलखते परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना को संदिग्ध बना रहे कई बिंदु
सिल्वर सिटी एकेडमी के प्रबंधक हरमोहन सिंह खुराना और प्रधानाचार्य सर्वजीत वर्मा का कहना है कि रविवार की शाम चारों बच्चों ने उनके साथ टीवी देख कर सत्संग में भाग लिया और फिर कमरे में सो गए थे। छोटे से कमरे में 13 वर्षीय छात्र का बेंच के ऊपर बेंच रखकर मफलर से फांसी लगाना भी घटना को संदिग्ध बताता है। जमीन से करीब 10 फुट ऊंचाई पर छत से टंगे पंखे के कुंडे में फंदा लगाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही उतार लिया गया था शव
हैदराबाद थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक तिवारी ने बताया कि प्रबंधक की सूचना पर जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें शव उतरा हुआ मिला। शरीर पर कोई भी जाहिराना चोट का निशान नहीं मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ के लिए प्रबंधक और प्रधानाचार्य को बुलाया गया था। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्य संकलन के बाद गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी करने के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बच्चे छोटे हैं, घटना के बाद से सहमे हैं। इसलिए अधिक पूछताछ नहीं की गई।
दो छात्र जग रहे थे, दो छात्र सो रहे थे: पुलिस
थाना प्रभारी दीपक तिवारी के मुताबिक बच्चों से पूछताछ में पता चला है कि मृतक का भाई और एक दूसरा किशोर रात को सो गए थे, जबकि मृतक गौरव व एक अन्य किशोर जग रहे थे। थाना प्रभारी का कहना है कि दूसरे किशोर ने गौरव को बेंच को इधर उधर करते देखा। इस पर गौरव ने दूसरे छात्र को सो जाने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि उसी ने मृतक के भाई को जगाकर कहा कि देखो तुम्हारा भाई लटका है।