मितौली की ग्राम पंचायत रौतापुर का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। मितौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत रौतापुर और पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत सेेमरा ग्रंट में अपात्रों को आवास दिए जाने का मामला सामने आया है। रौतापुर में बड़े पैमाने पर धांधली पकड़ी गई है। यहां 2021-22 में कुल 57 आवास स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 54 अपात्र मिले हैं। वहीं पसगवां की ग्राम पंचायत सेमरा ग्रंट में आठ लाभार्थी अपात्र मिले हैं। परियोजना निदेशक (पीडी) ने अपात्र लाभार्थियों को आवास की धनराशि भेजने पर रोक लगा दी है और मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी है।
करीब एक सप्ताह पहले किसी व्यक्ति ने मितौली के रौतापुर और पसगवां के सेमरा ग्रंट में अपात्रों को आवास आवंटित किए जाने की शिकायत डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया से की गई थी। डीएम ने मामले की जांच परियोजना निदेशक केके पांडेय को सौंपी थी। इसके बाद पीडी ने गांव रौतापुर जाकर जांच पड़ताल की तो कुल आवंटित लक्ष्य 57 आवास के सापेक्ष 54 आवासों के लाभार्थी अपात्र मिले हैं।
अपात्र मिले लाभार्थियों के पहले से पक्के कमरे बने हुए हैं, लेकिन प्रधान और सचिव की मिलीभगत से इनके नाम पीएम आवास प्लस की सूची में जोड़े गए थे। पीडी ने बताया कि मितौली ब्लॉक में कुल 1588 आवास आवंटित हुए हैं, जिनमें से 57 आवास रौतापुर ग्राम पंचायत को दिए गए थे।
पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत सेमरा ग्रंट में भी अपात्रों को आवास दिए जाने की शिकायत मिली थी, जिससे पीडी ने सेमरा ग्रंट में भी आवास लाभार्थियों की जांच की तो यहां भी आठ लाभार्थी अपात्र मिले। बड़े पैमाने पर अपात्रों को आवास दिए जाने का मामला सामने आने पर अन्य ग्राम पंचायतों में भी इस तरह की गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई है। उधर, इस मामले में पीडी केके पांडेय ने कहा कि यदि किसी अन्य ग्राम पंचायत की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।