लखीमपुर खीरी। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सुबह आठ बजे तक पिछले 30 घंटे में 140.175 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। लगातार बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। गांव से लेकर शहर तक जलभराव के हालत पैदा हो गए हैं। यही नहीं कई जगह बिजली लाइन पर पेड़ गिर जाने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
लगातार बरसात होने से बाजारों में सन्नाटा पसरा है। कई मोहल्लों में जलभराव हो जाने के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल, जिला पंचायत, कलक्ट्रेट समेत कई दफ्तरों के आसपास पानी भर गया है। नई बस्ती, गंगोत्री नगर जैसे मोहल्लों में पानी भर जाने के कारण लोग परेशान हैं।
चपरतला। भारी बारिश से किसानों की धान फसल नष्ट हो गई है। धान के खेतों में घुटनों से पानी भर गया है गन्ने की फसल भी गिर गई हैं कुछ किसानों ने मुश्किल से तिल्ली की फसल काटकर घर में लगाई थी उसको भी निकालने की नौबत नहीं आई है। सप्ताह भर पहले बोई लाही की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
ममरी। तीन दिनों से तेज हवा के साथ हो रही मूसलाधार बारिश से किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल चौपट हो गई है वही कटी पड़ी लॉक पानी में डूब जाने से गानों में अंकुर निकलने लगे हैं जिससे किसानों को भारी क्षति पहुंची है।
बारिश से धान की फसल को लाखों का नुकसान
पसगवां। भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। खेतों में धान की खड़ी फसल और कटी हुई फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र के पसगवां, जंगबहादुरगंज, जसमड़ी, अजबापुर, महदूदा, मडबा आदि गांवों में खेतों में पानी भर गया है। गन्ने की फसल की गिर गई है।
मोहम्मदी। बारिश से नगर में जलभराव के कारण लोगों का पैदल निकलना मुश्किल है। नगर में मोहल्ला सरैया, अस्पताल गेट, तालिब अली चौराहा, इलाहाबाद बैंक आदि जगहों में जलभराव के कारण लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो गया है।
भीखमपुर। क्षेत्र में भारी बारिश के चलते किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। कस्बा सहित क्षेत्र के गांव में सोमवार रात से और पूरे दिन मंगलवार को बारिश होती रही। लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाए। कस्बा सहित गांवों में निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया।
अमीरनगर। तीसरे दिन मंगलवार को रुक रुक कर पूरा दिन बारिश होती रही। धान की तैयार खड़ी फसल और शरदकालीन गन्ने के साथ बोई गई लाही आदि फसलों में पानी भर जाने से नुकसान पहुंचा है। वहीं इलाके में टमाटर की खेती करने वाले किसानों का कहना है की बारिश से नुकसान हुआ है।
बारिश के कारण अजबापुर चीनी मिल ने गन्ना पेराई सत्र की तिथि बढ़ाई
पसगवां। डीसीएम श्रीराम ग्रुप की शुगर एंड डिस्टलरी यूनिट अजबापुर 22 अक्टूबर को अपना पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी कर चुकी थी, लेकिन 48 घंटों से हो रही अनवरत बारिश से गन्ने के खेत भी पानी से भर गये हैं। रास्ते भी खराब हो गए हैं। इकाई प्रमुख पंकज सिंह और केन हेड विवेक तिवारी ने बताया कि परिस्थिति को देखते हुए चीनी मिल ने 7 से 10 दिनों के लिए पेराई सत्र स्थगित कर दिया है।
आंधी-पानी से बिजली आपूर्ति हुई ध्वस्त
बिजुआ। बिजुआ क्षेत्र में सोमवार की रात तेज आंधी आने और पानी बरसने से बिजली की लाइनों पर पेड गिर गए। इससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। करीब पंद्रह गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। लगातार बरसात जारी है, जिससे बिजली लाइन की मरम्मत का काम भी नहीं हो पा रहा है। लाइनमैन रतीराम और महेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि लगातार हो रही बारिश में भी गिरे हुए पेड़ों को हटाकर बिजली व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बारिश होने की वजह से पेड़ काटकर हटाने में और गिरे हुए खंभे सीधे करने में बहुत मुश्किल हो रही है। संवाद
19एलकेएच551-मैलानी के मोहल्ला दामोदरपुर में जलभराव
बारिश से दामोदरपुर मोहल्ले में भरा पानी
मैलानी। पिछले लगभग 36 घंटे से हो रही बरसात से मोहल्ला दामोदरपुर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। इस मोहल्ले का पानी ईदगाह के पास स्थित तालाब में जाता है, लेकिन बारिश से तालाब फुल हो जाने से पानी तालाब में न जाकर मोहल्ले में ही जमा हो गया। जलभराव के कारण निचले इलाके के लोगों को आवागमन में परेशानियां हुईं। चेयरमैैन सत्यवती ने बताया कि बारिश में जलभराव से होने वाली समस्या से निजात के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस समस्या का स्थायी हल निकल सके। संवाद
बारिश से खेल मैदान जलमग्न
संपूर्णानगर। कस्बा के पब्लिक इंटर कॉलेज का खेल मैदान रविवार शाम से हो रही बारिश के पानी से लबालब भर गया है। नाली में दुकानदारों, सब्जी व फल व्यापारियों द्वारा फेंके गए कचरे से वह भी बंद हो गई हैं। इससे नाली का गंदा पानी भी मैदान में भर रहा है। लोगों का कहना है कि गंदगी फेंकने के कारण नालियां चोक हो जाती हैं और उसका पानी मैदान में भरता है। इसको लेकर नाली की सफाई कराने के साथ ही पूरे मैदान की सफाई कराए जाने की मांग की है। संवाद
बारिश से किसानों की धान की फसल को हुआ भारी नुकसान
पलियाकलां। तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से किसानों के खेतों में खड़ी व कटी पड़ी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इलाके के कई गांवों के किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं है। जिससे उनको काफी नुकसान हुआ है। इलाके के बोझवा गांव में मनोज कुमार, धर्म सिंह, राजू, रामसागर, लाल बहादुर का करीब दो-दो एकड़ धान की फसल प्रभावित हुई है और कुछ फसल बाढ़ के पानी में बह गई है। संवाद
संपूर्णानगर। गन्ना भुगतान न होने के बाद किसानों ने धान लगाया था। लेकिन भारी बारिश के बीच धान की फसल भी वर्षा की भेंट चढ़ती जा रही है। मिर्चिया निवासी किसान मनप्रीत सिंह ने बताया कि धान की फसल यह सोचकर बोई थी कि बहन की शादी के साथ ही कर्ज आदि चुकाएंगे, लेकिन बारिश से पूरी धान की फसल ही जलमग्न हो गई। इसके अलावा सिंगाही खुर्द, मिर्चिया, भूपनगर, रानीनगर, गोविंदनगर समेत कई गांवों में सैकड़ों किसानों की फसलें खराब हुई हैं। संवाद
बेमौसम बारिश ने बढ़ाई मुसीबत
बग्घुन निवासी किसान राजीव दीक्षित का कहना कि बेमौसम की बरसात में किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। मूंगफली की फसल भी बर्बाद हो जाएगी।
रोशननगर निवासी किसान प्रेमचंद वर्मा का कहना है कि बेमौसम बरसात से खेत में कटा पड़ा धान भीग रहा है। और धूप न मिलने से धान सड़ने लगा है। जिससे आर्थिक रूप से काफी क्षति हो रही है।
आदित्य कुमार ने बताया किसान पहले से ही गन्ने के भुगतान को तरस रहा है। ऊपर से नगदी फसल मानी जाने वाली धान पर इंद्रदेव की मेहरबानी से दोहरी मार पड रही है। जिससे धान में नमी होने के कारण काला पड़ रहा है। जिससे आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
बाबरपुर के संजय कुमार ढाई बीघा धान है, जो दो दिन पहले धान काटना शुरू किया था, जो अब बेमौसम बारिश होने से धान की कटी हुई फसल भीग गई हैं। किसान को हर तरफ से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रोशननगर के रवि वर्मा का कहना है कि चार बीघा कटी धान की फसल पानी में डूबी पड़ी है। महंगाई की दौर में किसान बमुश्किल फसल तैयार कर पाता है। इस बार प्रकृति की मार से किसान बर्बादी के कगार पर आ गया है।