आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास करती रही है सरकार
किसान नेताओं का कहना है कि अजय मिश्र टेनी का यह वीडियो ज्यादा पुराना नहीं है। करीब दो-तीन सप्ताह पहले उन्होंने किसानों को उकसाने वाली यह बात कही थी। उसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक का एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में खट्टर कह रहे हैं तो फिर 'ठा ल्यो लट्ठ' उनका इशारा किसानों की तरफ था। इससे पहले भी वे किसानों को लेकर खालिस्तान जैसे बयान दे चुके हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारी अविक साहा कहते हैं, अब लोग खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि इस आंदोलन को उकसाने का काम किसने किया है।
योगेंद्र यादव ने कहा, लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर किसी को शक नहीं है। केंद्र सरकार, शुरू से ही किसानों के आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास करती आई है। आंदोलन को तोड़ने के लिए प्रचलित हथकंडे, जैसे मांगें न मानना, लंबे समय तक आंदोलन को खींचना, किसानों को थकाना हराना, उनकी सप्लाई चेन को बाधित करना, अपनाती रही है। उसका नतीजा क्या हुआ। किसान आंदोलन तो खत्म नहीं हुआ। अभी वक्त है, सरकार संभल जाए। किसानों की जायज मांगों को पूरा किया जाए। ये तय है कि यह आंदोलन आने वाले समय में तेजी से और हर खेत-खलियान तक पहुंचता जाएगा।