पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में बिजली और पेयजल का मुद्दा छाया रहा। विधायक और सांसद के सवालों का जवाब विभागीय अफसर नहीं दे सके। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी, जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज कर कार्य करना अफसर छोड़ दें। सरकार का निर्देश है कि अफसर सीयूजी नंबर खुद रिसीव करें, ऐसा नहीं करने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कुशीनगर विधायक पीएन पाठक ने कहा कि कसया के बिजली निगम के एक्सईएन फोन रिसीव नहीं करते हैं, इस पर उनको चेतावनी सदन की ओर से दी गई।
सांसद विजय कुमार दुबे ने लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार के मंशा के हिसाब से अफसर काम करें, मनमानी किसी की नहीं चलेगी। जिले में एयरपोर्ट समेत कई बड़ी परियोजनाओं का काम चल रहा है। देवरिया के सांसद शशांक मणि ने कहा कि दिशा की बैठक की मर्यादा तभी होगा जब खुल कर बात होगी, जिले में विकास की प्रतिबद्धता होनी चाहिए। अधिकारी व जनप्रतिनिधि जनता के हित में कार्य करें। खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय ने सभी तहसीलों, ब्लॉकों में एकल विंडो खुलवाए जाने की मांग की। इससे विभिन्न पेंशन लाभार्थियों को आसानी हो सके।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि दिशा की बैठक का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सहयोग से जिले के विकास की रूपरेखा तैयार करना है। इस दौरान हाटा विधायक मोहन वर्मा, तमकुहीराज विधायक डॉ. असीम कुमार, फाजिल नगर विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा, विधायक सादर मनीष जायसवाल, बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, सीडीओ गुंजन द्विवेदी आदि मौजूद रहे।