पडरौना। बीच शहर से गुजरी रेल लाइनों पर अचानक काम शुरू हो जाने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था लड़खड़ा गई। जानकारी न होने पर पहुंचे लोगों को जाम के झाम से जूझना पड़ा। रेलवे के चार ढालों पर शनिवार को एक साथ मरम्मत काम कराए जाने से लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा।
मरम्मत कार्य के दौरान मुख्य रेलवे ढाले के अलावा अन्य किसी रूट पर डायवर्जन न होने से ढालों के अलावा इन रास्तों पर जाने वाले मार्गों पर जाम लग गया। इससे लोगों को ठंड में घंटों परेशान होना पड़ा। कई लोग तो तीन से चार किलोमीटर घूम कर अपने गंतव्य की तरफ रवाना हुए। इसके चलते पूरे दिन शहर से गुजरने वाले राहगीरों को जाम से जूझना पड़ा। हालांकि, रेलवे जिम्मेदारों का कहना है कि इसकी सूचना दी गई थी। अनाउंसमेंट भी कराया जा रहा था। वहीं कुछ अंतराल पर ढाले को खोला भी जा रहा था।
कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पडरौना के बीच शहर से होकर गुजरा है। सड़क मार्ग से शहर में आने वाले लोगों का आवागन प्रभावित न हो इसके लिए शहर के छह रेलवे ढाले बनाए गए हैं। इसमें से चार रेलवे ढाले पर शनिवार को सुबह करीब 11 बजे से रेलवे लाइन की स्क्रीनिंग और पैकिंग कार्य शुरू हुआ। इसके चलते चारों ढाले एक साथ बंद हो गए। रेलवे ढाला बंद होते ही शहर दो हिस्सों में बंट गया। शहर के मुख्य रेलवे ढाला, नोनियापट्टी, साहबगंज और नोनियापट्टी समेत सभी चारों रेलवे ढालों के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। हालांकि, आधे से एक घंटे के अंतराल पर रेलवे ढाला खोल कर वाहनों के लिए खोला जा रहा था। इसके बाद भी जाम में फंसे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, रेलवे प्रशासन का कहना है कि ढालों के पास मरम्मत कार्य की सूचना स्थानीय प्रशासन के अलावा शहर में लाउडस्पीकर से अनाउंस कराई गई थी। वहीं जाम में फंसे लोग बिना सूचना के ही मरम्मत कार्य होने की बात कहा रहे थे। उधर, निर्माण कार्य शुरू होने के बाद यातायात और कोतवाली पुलिस शहर के जलकल मोड़, सुभाष चौक और बाईपास रोड पर पुलिसकर्मी तैनात कर किसी तरह रूट डायवर्जन किए।