- नगर के आवास विकास, तुलसीनगर, राजपूतनगर समेत अन्य कई मोहल्लों के खाली प्लॉटों में है जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शासन के निर्देश पर इस सप्ताह स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। लेकिन शहर के आवास विकास, तुलसीनगर, राजपूत कॉलोनी समेत अन्य कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। जिसके काटने से लोग मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू जैसे बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं।
शासन के निर्देश पर इन दिनों जिले के सभी नगर निकाय और ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसमें लोगों को अपने घर के आस-पास के स्थानों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वचछता अभियान की तरफ से नगर पालिका पडरौना की तरफ से बीते बुधवार को पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत को शहर में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नगर पालिका हर वार्ड के लिए रोस्टर बनाकर सफाई नायकों और सफाई सेवकों के साथ ही कूड़ा निस्तारण के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करने के लिए ट्रीपर वाहनों को उतारा था। इसके बावजूद नगर के सामान्य मोहल्लों की बात कौन कहे वीआईपी मोहल्लों में न तो पर्याप्त जलनिकासी की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त साफ-सफाई की व्यवस्था है। रामकोला रोड स्थित आवास विकास कॉलोनी की खाड़ी पड़ी प्लॉटों में जलभराव बना है। इस मोहल्ले में जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण तो हुआ, लेकिन कालोनीकके बाहर पानी निकलने का कोई जगह नहीं है। इसकी वजह से लोगों के घर से निकला पानी इन नालियों में एकत्र रहता है। मोहल्ले के गोपाल पांडेय, कृष्ण कुमार तिवारी, मृगेंद्र राघव राव, राजू गुप्ता ने बताया कि नाली में मोहल्ले से पानी का निकास नहीं होता है। इसके चलते लोगों के घर से निकाली गंदा पानी इन नालियों में ही एकत्र रहता है। इससे हमेशा बदबू निकलने के अलावा रोग जनित मच्छर पन रहे हैं, जिससे लोगों को हमेशा जलजनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। इसी तरह नगर के मुन्ना कॉलोनी, मिश्रा कॉलोनी, तिलक नगर, राजपूत कॉलोनी और जगदीपुरम कॉलोनी में खाली पड़ी प्लॉटों में या तो पानी एकत्र या मोहल्ले के लोग वहां कूड़ा फेंकते हैं, जिसकी
समुचित सफाई नहीं होने से वहां हमेशा गंदगी फैली रहती है। इसके अलाव रविवार को नगर के बेलवा चुंगी, गुदरीबाजार, कसेरा टोली रोड, साहबगंज समेत कई स्थानों पर कूड़ा पड़ा मिला।
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मोहल्ले में प्रतिदिन कूड़ा तो उठाया, जाता है, लेकिन नालियों की सफाई सप्ताह में होती है। इससे नालियों से बदबू निकलता है। सफाई कर्मी सफाई के नाम पर केवल कोरमपूर्ति कर देते हैं।
- अतुल कुमार श्रीवास्तव, कन्नौजिया वार्ड।
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आवास कॉलोनी में जलनिकासी के निकास ही नहीं बनाया गया। इसके चलते लोगों के घर से निकाली गंदा पानी नाली में ही एकत्र रहता है। बरसात के दिनों में मोहल्ले की सड़कों पानी एकत्र हो जाता है।
- अतुल सिंह, आवास विकास।
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मोहल्ले की नालियों में गंदा पानी एकत्र रहने से रोग जनित मच्छर पनप रहे हैं। कई लोग मलेरिया, टाइफाइड से भी बीमार हो जाते हैं। मोहल्ले में सफाई के नाम पर दो से तीन में एक बार झाड़ लग जाता है।
- हिमांशु राय, आवास विकास।
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मोहल्ले की सड़कों पर नियमित सफाई तो होती है, लेकिन नालियों की सफाई सप्ताह में होती है। मोहल्ले की खाली पड़े प्लाट में या तो कूड़ा पड़ा रहता है या उसमें पानी एकत्र है।
- सूरज गुप्ता, ओंकार वाटिका।
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नगर के सभी मोहल्लों में समुचित साफ-सफाई करने के लिए सफाई कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसकी नियमित निगरानी भी की जा रही है। यदि कई कोई शिकायत हो तो नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराएं, उसे प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देते हुए तत्काल साफ-सफाई कराई जाएगी।
- विनय जायसवाल, चेयरमैन, नगर पालिका पडरौना।