तत्कालीन सचिव और तकनीकी सहायक से अपव्यय धनराशि की वसूली का आदेश
- मनरेगा से कराया गया था रजवाहा में सफाई, मिट्टी खुदाई और मंदिर परिसर में मिट्टी भरवाने का कार्य
- हाटा ब्लॉक के कछुहिया जनोबीपट्टी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। हाटा ब्लॉक के कछुहिया जनोबीपट्टी में रजवाहा की सिल्ट सफाई, मिट्टी खुदाई और शिवमंदिर परिसर में मिट्टी भरवाने के नाम पर अधिक रकम खर्च किए जाने के मामले में तत्कालीन सचिव और तकनीकी सहायक दोषी मिले हैं। इनके खिलाफ तीन सदस्यीय टीम ने जांच की थी। इन पर 1,64,543.81 का अव्वय पाया गया है। लिहाजा सीडीओ की तरफ ने इन दोनों को उस धनराशि का आधी-आधी उत्तर प्रदेश रोजगार गारंटी योजना समिति के खाते में एक सप्ताह के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया है। ग्राम रोजगार सेवक पर भी कार्रवाई का निर्देश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कछुहिया जनोबीपट्टी गांव के निवासी गिरजेश त्रिपाठी ने इस बारे में हाटा के बीडीओ सहित अन्य अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराया था। आरोप था कि इस गांव में प्रेमपुर रजवाहा में दो स्थानों पर सिल्ट सफाई एवं मिट्टी खुदाई पर 40314.26 रुपये एवं 73372.56 रुपये और कछुहिया सोमाली स्थित शिवमंदिर परिसर में मिट्टी भराई पर 50857.00 रुपये सहित कुल 164543.81 रुपये का अपव्यय हुआ है। इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित हुई थी, जिसमें एक्सईएल लघु सिंचाई, एक्सईएन डीआरडीए और एपीओ मनरेगा को जांच सौंपी गई थी। जांच में आरोप सही मिलने पर सीडीओ अनुज मलिक की तरफ से उस धन की वसूली का आदेश दिया गया है। ग्राम रोजगार सेवक की वेतन वृद्धि एक वर्ष रोकने अथवा ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर सेवा समाप्ति तथा फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए एफआईआर दर्ज कराए जाने का निर्देश दिया गया है।