कसया। कोर्ट का फैसला आने के बाद दिल को सुकून मिला, बड़ों के बीच विवाद था, इसमें मासूमों से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन आरोपियों ने टॉफी में जहर देकर चार बच्चों की जान ले ली थी। केस चलने के दौरान तरह-तरह की बातें सामने आई सुलह के लिए दबाव बना, धमकियां भी मिली, लेकिन न्यायालय और ईश्वर के भरोसा नहीं डिगा सका और न्याय मिला। दूसरे दिन भी कुड़वा दिलीपनगर गांव में घटना और कोर्ट के फैसले की चर्चा लोगों के बीच रही।
थाना क्षेत्र में कुड़वा उर्फ दिलीपनगर सिसई लठउर टोला निवासी रसगुल्ला और प्रेम प्रसाद के बीच विवाद था। इसमें जहरीली टॉफी देकर रसगुल्ला के परिवार के चार बच्चों की हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी। 23 मार्च 2022 को यह घटना हुई थी, जिसकी चर्चा जिले में कई दिनों तक रही। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर फैसला सुनाया। इसमें तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। रसगुल्ला के परिवार की मुखिया देवी ने बताया कि घटना के बाद लोग तरह-तरह की बात करने लगे, ईश्वर और कानून पर पूरा विश्वास था कि दोषियों को सजा मिलेगी। इस तरह के लोगों के साथ ऐसा ही होना चाहिए। मासूमों को खोने वाली मां सुगिया देवी ने कहा कि हमारे बच्चों के हत्यारों को सजा हुई है तो मैं खुश हूं। मेरे साथ न्याय हुआ है। कानूनी लड़ाई में देर होती है, लेकिन अंधेर नहीं।