कसया। भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पदाधिकारियों समीक्षा बैठक कर केंद्रीय बजट पर कहा कि आम जनता के लिए नहीं कार्पोरेट को मजबूत करने वाला बजट है। सरकार द्वारा बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। किसान कर्ज माफी के लिए बजट में कोई जिक्र न होने से किसान मायूस हैं।
कसया नगर स्थित गांधी चौक स्थित माकपा के कैंप कार्यालय पर पार्टी जिला सचिव अयोध्या लाल श्रीवास्तव, जवाहर शर्मा, राजेंद्र सिंह, बीपी गुप्ता, गेंदा सिंह, कैलाश गिरी, शंकर प्रसाद ने समीक्षा बैठक में कहा कि फसलों की एमएसपी कानून की गारंटी बिना किसानों की आय दोगुनी होना संभव नहीं है। कृषि का बजट तो बढ़ाया जा रहा है लेकिन खेती पर बढ़ रही लागत जिसमें खाद, बीज, उर्वरक, डीजल, कृषि यंत्र पर बजट में भारी सब्सिडी जैसा कुछ नहीं है।
जिससे किसानों को राहत मिले। देश के अधिक संख्या में किसान कर्ज में डूबे हुए हैं। उनके कर्ज की माफी के लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए। बजट में नौजवानों को स्थाई रोजगार का कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं है।