पडरौना/पकवा इनार। नियमों की आड़ में जिले में धड़ल्ले से मिलावटी दाल व मसाले का अवैध कारोबार चल रहा है। डेढ़ प्रतिशत मंडी शुल्क बचाने के लिए कारोबारी छोटे-छोटे वाहनों से निर्धारित वजन से कम माल मंगाकर व्यापार कर रहे हैं। इससे न सिर्फ मंडी को चूना लग रहा है। बल्कि, इससे अवैध दाल और मसाले आसानी से मंडी में पहुंच जा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने में मंडी समिति व अन्य प्रशासनिक विभाग भी फेल है। छोटे व फुटकर दाल व मसाले के कारोबारी इसका फायदा उठा रहे हैं। समिति कुछ मामलों में सिर्फ कागजी कार्रवाई कर कोरम पूरा कर ले रही है।
जिले में मंडी समिति प्रशासन के अनुसार वर्ष 2024 में अरहर दाल, मसूर दाल, मटर दाल, चना दाल, मूंग और उड़द दाल की आवक रही। वहीं, मसाले में सूखी लाल मिर्च व सिर्फ हल्दी की आवक होती है। इसके अलावा अन्य मसाले व किसी तरह की दालों की आवक संबंधी रिकाॅर्ड उपलब्ध नहीं है। जबकि, अन्य गरम मसाले का भी कारोबार थोक व खुदरा गांव से लेकर नगरों तक निर्बाध चल रह है। लेकिन, इसकी पुख्ता जानकारी मंडी समिति के पास नहीं है कि कौन सा मसाला कितनी मात्रा में कब आया। उससे समिति को कितना शुल्क मिला? उनके पास इस तरह का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
दिसंबर 2024 में जिले में दाल की आवक में 114 क्विंटल अरहर की प्राथमिक आवक मध्य प्रदेश के कटनी से हुई। इसके अलावा 340 क्विंटल अरहर दाल की द्वितीयक आवक कानपुर और गोरखपुर से हुई। मसूर दाल 65 क्विंटल बरेली से आई। वहीं 453 क्विंटल द्वितीयक आवक रही।
1188 क्विंटल सहजनवां से मटर दाल की द्वितीयक आवक, 168 क्विंटल चना दाल की द्वितीयक आवक गोरखपुर से हुई। 12 क्विंटल मूंग दाल द्वितीयक आवक गोरखपुर से, छह क्विंटल उड़द दाल की द्वितीयक आवक भी गोरखपुर से हुई। वहीं, मसाले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 563 क्विंटल आंध्र प्रदेश व हल्दी 49 क्विंटल प्राथमिक आवक रही है।
जिले में आने वाले प्राथमिक आवक पर मंडी समिति को एक प्रतिशत मंडी शुल्क व आधा प्रतिशत विकास सेस लेने का ही प्रावधान है। वहीं, द्वितीयक आवक पर कोई शुल्क लेने का प्रावधान नहीं है।
यह होता प्राथमिक व द्वितीयक आवक : प्राथमिक आवक वह होती है, जिस पर मंडी समिति शुल्क लेती है। द्वितीयक आवक में शुल्क अन्य जगह जमा होता है। मंडी समिति कागजों में आवक का रिकाॅर्ड दर्ज करता है। यानि दूसरे प्रांतों से सीधे बिना शुल्क जमा किए आने वाले सामान प्राथमिक आवक होते हैं, उन पर मंडी शुल्क लिया जाता है।