पडरौना। ग्राम प्रधान की भाभी के बैंक खाते में आवास की रकम भेजने वाले सचिव और आवास बाबू पर भी विभागीय कार्रवाई होगी। बीडीओ ने उस गांव के पूर्व सचिव के सरकारी आवास और आवास पटल वाले कमरे में सरकारी ताला लगा दिया है।
कई ऐसी पत्रावलियां बीडीओ के हाथ लगी है, जिसमें फर्जीवाड़े के सबूत मिले हैं। इसकी जांच विभागीय स्तर से जारी है। मामला उजागर होने के बाद आरोपी प्रधान, वर्तमान और पूर्व सचिव भी फरार हो गए हैं। बीडीओ ने वर्तमान सचिव के खिलाफ भी केस दर्ज करने के लिए थाने पर तहरीर दी है।
खड्डा ब्लॉक के नौतार जंगल गांव की निवासी खेदारू की पत्नी अर्चना देवी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। पात्रता के आधार पर आवास के लिए ब्लॉक की ओर से चयनित किया गया था। सचिव के अर्चना ने बैंक पासबुक समेत अन्य कागजात दिए। तत्कालीन सचिव उदयभान शर्मा ने आवास पटल देखने वाले बाबू राकृपाल की मिलीभगत से प्रधान की भाभी के बैंक की पासबुक और अन्य कागजात लगाकर आवास के लिए भेज दिया था।
सचिव के जिओ टैग किया, जिसमें खुद प्रधान अंगद यादव ने खड़े होकर फोटो खिंचवाई तथा आवास पोर्टल पर प्रधान का फोटो अपलोड कर आवास के लिए मिलने वाला तीनों किश्त प्रधान की भाभी के बैंक अकाउंट में भेज दी गई। आवास की एक किस्त तत्कालीन सचिव उदयभान शर्मा के कार्यकाल में भेजी गई, जबकि दो किस्त वर्तमान सचिव रामप्रकाश शर्मा ने जिओ टैग के बाद भेजा। आवास के लिए खेदारू की पत्नी अर्चना ब्लॉक का चक्कर लगाती रही। करीब एक साल पूर्व अर्चना की मौत हो गई, लेकिन उसे आवास नहीं मिल सका।
खेदारू ने दूसरी शादी कर लिया और आवास के लिए आवेदन किया तो पता चला कि इसका आवास बन चुका है। इसकी शिकायत सीडीओ से की। बीडीओ ने इसकी जांच की तो पता चला कि तत्कालीन सचिव उदयभान शर्मा, आवास बाबू रामकृपाल और वर्तमान सचिव रामप्रकाश शर्मा की मिलीभगत से कागजों में फर्जीवाड़ा कर अर्चना का आवास प्रधान अंगद यादव की भाभी को दे दिया गया है। बीडीओ ने रात को अचानक वर्तमान और तत्कालीन सचिव के आवास पर छापेमारी कर कुछ पत्रावलियों को कब्जे में ले लिया और तत्कालीन सचिव के आवास में आवास पटल वाले कमरे में सरकारी ताला बंद करा दिया।