- वर्चस्व व रसूख की जंग में वारदात को दे रहे अंजाम, बवालियों की पुलिस थानेवार तैयार कर रही सूची
पडरौना। ग्रामीण इलाकों में चुनावी रंजिश और वर्चस्व की होड़ में गांवों में तनाव बढ़ता जा रहा है। रसूख कायम करने के लिए कहीं पोस्टर फाड़ने और चुनाव न लड़ने का दबाव बनाने, तो कहीं सरेराह असलहे से जानलेवा हमला करने के मामले सामने आ रहे हैं। गांवों के बिगड़ते माहौल और लगातार हो रही वारदातों को देखते हुए पुलिस एक्शन मोड में है। अराजक तत्वों और बवालियों की थानेवार सूची तैयार की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि स्थानीय स्तर पर दबदबा कायम करने के लिए गांवों के चौराहों पर पोस्टर लगाने और दूसरे पक्ष के उसे फाड़ देने से शुरू हुआ विवाद अब खूनी संघर्ष का रूप ले चुका है। विरोधी गुट संभावित उम्मीदवारों पर चुनाव न लड़ने के लिए दबाव बना रहा है। हाल ही में रामकोला समेत अन्य क्षेत्रों में लाठी-डंडे चलने और हथियारों से जानलेवा हमले करने की वारदातें दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं के बाद से ग्रामीण इलाकों में आम जनता के बीच भय और तनाव का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जिले के सभी थाना प्रभारियों और बीट प्रभारियों को सक्रिय कर दिया गया है। ऐसे सभी गांवों को चिह्नित किया जा रहा है जहां चुनावी या गुटीय रंजिश के कारण पुराना विवाद चल रहा है। पुलिस इन विवादों से जुड़े आरोपियों की कुंडली खंगाल रही है और थानों में इनकी सूची तैयार की जा रही है ताकि समय रहते इन उपद्रवियों को पाबंद किया जा सके।
केस एक:-
18 मई : रामकोला थाना क्षेत्र के सोहरौना गांव में चुनावी रंजिश में दो समुदायों में विवाद हो गया। धारदार हथियार से हमले में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल कायम हो गया। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात की गई। गांव निवासी अशोक तिवारी ने अपने घर के गेट पर चुनावी पोस्टर लगाया था।आरोप है कि किसी ने पोस्टर फाड़ दिया। जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि मामले में दूसरे पक्ष के लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया,जिसमें अशोक तिवारी और प्रियांशु तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले में पुलिस ने घायल पक्ष के हरिशंकर तिवारी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पांच को गिरफ्तार कर लिया।
केस दो:
15 मई 2026: रामकोला थाना क्षेत्र के सिधावे गांव के भड़कुलवा टोला मेें चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में विवाद होने का मामला सामने आया था।
भड़कुलवा टोला निवासी 35 वर्षीय रामाश्रय बीडीसी सदस्य का चुनाव की तैयारी को लेकर गांव के तीन युवकों ने रास्ते में घेरकर पिटाई कर दी थी। आरोप था कि रामाश्रय के पेट, पीठ और सीने समेत पांच स्थानों पर चाकू से वार कर किया गया था। रामाश्रय अचेत होकर गिरने के बाद आरोपी भाग निकले थे। परिजनों का आरोप था कि आरोपी पक्ष चुनाव नहीं लड़ने के लिए दबाव बना रहा था। उनकी बात नहीं मानने पर जान लेने की कोशिश की।
केस तीन
15 अप्रैल : पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल अमवा गांव में होर्डिंग लगाने को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। बवाल में सात से अधिक लोग घायल हो गए थे। लाठी-डंडा,फरसा व लाइसेंसी बंदूक से हमला करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 25 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे अफजल अंसारी ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधान चुन्नू लारी उर्फ उमर फारुख लाइसेंसी बंदूक तानकर प्रधान पद के चुनाव से हटने की धमकी दी थी।
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कोट:-
जिले के किसी भी हिस्से में चुनावी रंजिश व वर्चस्व के नाम पर कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। चुनाव न लड़ने का दबाव बनाने, पोस्टर फाड़ने या असलहे से हमला करने जैसी घटनाओं में शामिल तत्वों को चिह्नित कर थानेवार सूची तैयार की जा रही है। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। माहौल बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों और उनके मददगारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर।