पैदा हुआ था लड़का, लड़की देने का आरोप
नवजात शिशु को चुराकर बदलने के आरोप में केस दर्ज
लोगों ने तीन घंटे तक सच्चिदानंद हॉस्पिटल पर किया था हंगामा
सीएमओ और एसडीएम सहित अन्य अफसर पहुंचे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज (कुशीनगर)। कस्बे के सच्चिदानंद हॉस्पिटल में एक प्रसूता के परिजनों ने मंगलवार को अस्पताल संचालक पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लड़का पैदा हुआ था, लेकिन कर्मचारियों ने लड़की देकर गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। जच्चा-बच्चा को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर मंगलवार को लौटे परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा किया। करीब तीन घंटे बाद मौके के सीएमओ और एसडीएम सहित एसओ पहुंचे। सीएमओ ने प्रसूता और उसके पति सहित बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने का आश्वासन देकर शांत कराया। पुलिस ने अस्पताल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बताया जा रहा है कि सच्चिदानंद हॉस्पिटल में ग्राम सभा भड़सर खास के टोला करैलिया निवासी संजय साहनी की 25 वर्षीय पत्नी राधिका देवी को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को भर्ती कराए थे। संजय के मुताबिक सोमवार की रात तकरीबन आठ बजे लड़का पैदा हुआ था। उसके बाद बच्चे की हालत नाजुक बताकर डॉक्टर ने रात नौ बजे गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती करते समय पर्ची पर बच्ची का नाम देखकर स्वास्थ्यकर्मियों ने पूछा तब परिजनों का शक हुआ। उनका कहना था कि अस्पताल में बच्चा पैदा हुआ था, लेकिन लड़की दे दी गई। परिजन जच्चा-बच्चा को उसी अस्पताल में भर्ती कराकर रात में ही कप्तानगंज के सच्चिदानंद हॉस्पिटल पहुंचे। संजय ने बताया कि अस्पताल गेट पर रात्रि में 2.30 बजे पहुंचकर बच्चे की मांग किए, लेकिन न गेट खुला न कोई कर्मचारी मिला। अपनी बात रखने के लिए डॉयल 112 नंबर पर फोन किए। मौके पर डायल 112 की पुलिस पहुंची, लेकिन उनकी बात भी नहीं सुनी गई। सुबह होने पर संजय ने अपने गांव के लोगों को बुलाया और वहां हंगामा शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे बाद सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया और एसडीएम कोमल यादव पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक रामानंद बौद्ध और एसओ संजय सिंह भी पहुंचे। विधायक ने अस्पताल संचालक से बातचीत की। सीएमओ ने हंगामा कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि प्रसूता, उसके पति और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। उसके बाद हकीकत सामने आ जाएगी। उनके आश्वासन पर लोग शांत हुए। इसके बाद संजय साहनी की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल के संचालक के खिलाफ नवजात शिशु को चुराकर बदलने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बाबत अस्पताल के संचालक डॉ. मौली पॉल का कहना है कि प्रसूता के परिजनों की तरफ से लगाया गया आरोप गलत और निराधार है।