अभिभावकों के खाते में जाएगी ड्रेस-बैग की रकम
अभिभावकों का बैंक विवरण पोर्टल पर हो रहा है अपलोड
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे बच्चों के गणवेश, बैग, जूता और मोजा आदि की खरीददारी में अनियमितता रोकने के लिए अब इस मद की रकम अभिभावकों के खाते में सीधे भेजी जाएगी। इसके लिए अभिभावकों को अब विद्यालय का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। रकम मिलते ही अभिभावक अपने पाल्यों की इन जरूरत की वस्तुओं को खुद खरीद सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग की तरफ से पोर्टल पर सभी अभिभावकों के बैंक डिटेल अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
कुशीनगर में परिषद के कुल 2464, कस्तूरबा के 14, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल 54 और माध्यमिक के 55 वित्तपोषित विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें कक्षा आठवीं तक करीब साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। इन विद्यार्थियों को पढ़ाई करने के लिए हर वर्ष सरकार की तरफ से नि:शुल्क पुस्तकें, स्कूल ड्रेस, स्कूल बैग, जूता, मोजा और स्वेटर वितरित किया जाता है। लेकिन अभिभावकों अथवा अन्य की तरफ से कभी खरीदारी के नाम पर धन उगाही तो कभी सामानों की गुणवत्ता पर सवाल उठाकर अनियमितता का आरोप लगता रहता था। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने इन सामानों की खरीदारी का जिम्मा अब सीधे अभिभावकों को देने की तैयारी की है। सरकार डीबीटी के माध्यम से इन सामानों की खरीदारी के लिए अभिभावकों के खाते में शासन स्तर से सीधे धनराशि भेजी जाएगी। धनराशि मिलने के बाद अभिभावक सामानों की खरीदारी खुद कर सकेंगे। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेश पर जिले के सभी शिक्षकों को समग्र शिक्षा (प्रारंभिक शिक्षा) के तहत प्रेरणा पोर्टल के डीबीटी-मॉडल पर परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का बैंक खाता एवं आधार समेत अन्य डाटा फीड कराने का निर्देश दिया गया है। बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा की तरफ से समग्र शिक्षा (प्रारंभिक शिक्षा) के तहत प्रेरणा पोर्टल पर डीबीटी-मॉडल पर परिषदीय विद्यालयों में नामांकित अभिभावकों के बैंक डिटेल समेत अन्य प्रमाणित डाटा अपलोट करने का निर्देश मिला है। इस संबंध में पत्र जारी कर सभी संबंधित को निर्देश दे दिया गया है।