कुशीनगर का जलनिगम का हुआ बंटवारा, अब दो जिले देखेंगे काम
ग्रामीण क्षेत्रों की परियोजनाओं का कार्य होगा महराजगंज से होगा
कुशीनगर के जलनिगम के जिम्मे होगा सिर्फ नगरीय निकायों की परियोजनाएं
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश जलनिगम अब दो फाड़ में हो गया है। कुशीनगर जिले में करीब 1500 करोड़ रुपये की 500 परियोजनाओं पर कार्य होना है। अभी जमीन की उपलब्धता के आधार पर 103 परियोजनाओं के लिए स्वीकृति मिली है। इसके लिए अनुबंध हो गया है, लेकिन यह कार्य अब कुशीनगर की बजाए महराजगंज के जलनिगम को मिल गया है। क्योंकि गोरखपुर मंडल के कुशीनगर और देवरिया जिले का जलनिगम शहरी क्षेत्रों के लिए अधिकृत कर दिया गया है, जबकि महराजगंज और गोरखपुर के जलनिगम की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र की परियोजनाओं का कार्य कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश जलनिगम अब उत्तर प्रदेश जलनिगम (ग्रामीण) और उत्तर प्रदेश जलनिगम (नगरीय) में विभक्त हो चुका है। अब इसी के आधार पर जिलों के कार्यों का आवंटन भी कर दिया गया है। ऐसी दशा में जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुभाग की तरफ से संचालित की जा रही परियोजनाओं को भी आवंटन के हिसाब से जनपदों को सौंप दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि इसके अंतर्गत निर्माणाधीन जलजीवन मिशन की परियोजनाओं को बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों को सौंपा गया है। कुशीनगर में करीब 1500 करोड़ की 500 पेयजल परियोजनाओं को पूरा किया जाना है, जिसमें जमीन की उपलब्धता के आधार पर काय शुरू करा दिया है। यहां का काम गुजरात की नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। अब कुशीनगर जलनिगम दो हिस्सों में कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य महराजगंज का जल निगम कराएगा, जबकि शहरी क्षेत्रों का पूरा कार्य कुशीनगर जलनिगम को मिला है। संवाद
जिले में परियोजनाओं की स्थिति
जिले में 500 गांवों में इन परियोजनाओं को पूरा कराया जाना है, जिसमें से जमीन की उपलब्धता के आधार पर 103 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पर 350 करोड़ रुपये लागत आएगी, जिससे 106 ग्राम पंचायतों के 176 राजस्व गांवों के लोग लाभान्वित होंगे। 70 हजार परिवारों में पानी का कनेक्शन पहुंचेगा। इसे 2022 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य है। इस सिलसिले में अब तक ग्राम पंचायत सचिव, एक्सईएन जलनिगम और ठेकेदार के बीच अनुबंध कराकर फाइल लखनऊ भेज दी गई है। एक सप्ताह बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश जलनिगम अब उत्तर प्रदेश (ग्रामीण) और उत्तर प्रदेश (नगरीय) में विभक्त हो गया है। कुशीनगर में जलजीवन मिशन सहित अन्य ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं अब महराजगंज जिले की तरफ से संचालित की जाएंगी। जल्द ही इनका कार्यालय खुलने की उम्मीद है। इसके अलावा जिले की नगरपालिका एवं नगर पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का कार्य कुशीनगर के जलनिगम को मिला है। इस बारे में शासन से पत्र जारी हो गया है।
- प्रमोद कुमार गौतम, एक्सईएन जल निगम