पडरौना। पशु तस्करों का केंद्र बिंदु जिले के बसहिया गांव में कई थानों की पुलिस के साथ बृहस्पतिवार को एसपी पहुंच गए। पुलिस की गाड़ियां देख गांव में अफरा-तफरी मच गई और अधिकांश पशु तस्कर घर छोड़कर फरार हो गए।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने गांव भ्रमण कर एक-एक तस्करों के बारे में घर मौजूद महिलाएं और बुजुर्गों से जानकारी ली। करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस ने गांव में डेरा डाले रखा। इस गांव में 50 से अधिक पर पशु तस्करी के मुकदमे के अलावा अलग-अलग तस्करों के गैंग संचालित करने की कार्रवाई हो चुकी है। पडरौना कोतवाली के बसहिया गांव से पशु तस्करों का नेटवर्क संचालित होता है। गांव में पहुंची पुलिस पर पूर्व में पशु तस्कर हमला भी कर चुके हैं। इस गांव के नौ पशु तस्कर हिस्ट्रीशीटर हैं। इनपर गैंगस्टर की भी कार्रवाई भी हुई है। 50 से अधिक पशु तस्करों पर पशु वध और तस्करी करने के आरोप में केस दर्ज है। पुलिस की लगातार कार्रवाई बावजूद पशु तस्करों ने अपना रास्ता नहीं बदला। गोरखपुर से लेकर बिहार तक इस गांव के हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। अमर उजाला ने इसकी खबर प्रमुख से प्रकाशित किया तो पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया। एसपी संतोष कुमार मिश्रा, पडरौना कोतवाली, विशुनपुरा, तुर्कपट्टी और कुबेरस्थान थाने की पुलिस के साथ शाम को गांव में पहुंचे। पुलिस की गाड़ी देख गांव वालों में खलबली मच गई। एसपी गाड़ी से पहले पूरे गांव का भ्रमण किया। इसके बाद शरीर पर सुरक्षा कवच लगाकर गांव की गलियों में गश्त की। साथ में भारी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद रही।
एक-एक घरों में पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन कोई तस्कर नहीं मिला। घर पर मिली महिलाओं और बुजुर्गों ने पुलिस को आधी अधूरी जानकारी दी। एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि गांव में सर्वाधिक पशु तस्कर हैं। इनकी गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश पडरौना कोतवाली पुलिस को दिया गया है। इनका सत्यापन कराया जा रहा है। अगर घर वाले सही जानकारी नहीं देते हैं तो इनकी भी पशु तस्करी के धंधे में संलिप्तता मानी जाएगी। पशु तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसकी तैयारी चल रही है।