एसडीएम को देखकर रो पड़ी रंजना की बेटी
- झोपड़ी में जलकर हुई थी महिला की मौत
- सूचना पर पहुंचीं थीं कप्तानगंज की एसडीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मीगंज। रामकोला थाना क्षेत्र के पगार गांव के छपरा टोला में गर्भवती रंजना की रविवार शाम को आग में जलकर मौत हो गई थी। सोमवार को एसडीएम कल्पना जायसवाल परिवार का हाल जानने पहुंची थीं। उन्हें देखते ही रंजना की बड़ी बेटी रागिनी (14) रो पड़ी। एसडीएम ने उसके आंसू पोंछे और समझाकर चुप कराईं। बोलीं, उसकी जितनी मदद हो सकेगी की जाएगी।
रामकोला थाना क्षेत्र के पगार गांव के छपरा टोला में रविवार की शाम राजू सिंह नामक युवक ने बाहर कमाने जाने के लिए मां से रुपये न मिलने पर झोपड़ी में आग लगा दी थी। जिससे उसके भाभी रंजना (36) पत्नी जितेंद्र सिंह की जलकर मौत हो गई थी। वह गर्भवती बताई जा रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अग्निशमन दस्ता और ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई थी। आरोपी युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
सोमवार सुबह कप्तानगंज की एसडीएम कल्पना जायसवाल पगार गांव के छपरा टोले में पहुंचीं। वह अग्नि पीड़ितों से मिलीं और उन्हें ढांढस बंधाया। रंजना की बड़ी बेटी 14 वर्षीय रागिनी रोते हुए उनसे घटना के बारे में बताई। रंजना की मौत से छह बच्चों के सिर से मां का आंचल छिन गया है। रंजना के पति जितेंद्र ने बताया कि पांच बेटियां और एक बेटा है।
अग्नि पीड़ितों ने रविवार की रात अपने पट्टीदार के घर गुजारी। रात के राशन की व्यवस्था कोटेदार से की गई थी। एसडीएम ने बताया कि अग्नि पीड़ितों को आवास देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा अहेतुक सहायता तथा कोटेदार के यहां से राशन की व्यवस्था और कंबल की व्यवस्था की गई है।
इस मामले में रामकोला थाने की पुलिस ने राजू के बड़े भाई जितेंद्र की तहरीर पर घर में आग लगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रभारी एसओ रामचंद्र सिंह यादव ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
जिसे कमाने के लिए विदेश भेजा, वही बना तबाही का कारण
- बाहर जाने के लिए राजू अक्सर ही मां से मांगता था रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मीगंज। बीस वर्ष पूर्व राजू के पिता की मृत्यु हो गई थी। तब से उसकी मां इंद्रावती देवी ने ही अपने तीनों बेटों का पालन-पोषण किया। राजू तीन भाइयों में सबसे छोटा है।
राजू की मां इंद्रावती देवी ने बताया कि अपने दो अन्य बेटों जितेंद्र और दिलीप के सहयोग से राजू को 2015 में साउथ अफ्रीका कमाने के लिए भेजा था लेकिन कार्य करने में असमर्थता जताकर राजू डेढ़ माह बाद ही घर वापस लौट आया था। तब से घर पर ही रहता था। गांव में अक्सर जुआ खेलता तथा शराब पीता था। राजू एक बार मुंबई गया लेकिन कोरोना महामारी फैलने के बाद घर चला आया था। लोगों ने बताया कि बाहर जाकर कमाने के लिए राजू अक्सर अपनी मां से पैसे मांगता था। जिसकी वजह से झगड़ा होता था।
रविवार सुबह राजू अपनी मां इंद्रावती से पैसा मांगने के लिए खेत में पहुंच गया था। पैसा न मिलने से नाराज राजू घर जलाने की बात कह रहा था। घर आने के बाद उसने आग लगाने की योजना बनाई। लोगों का कहना है कि राजू ने तीनों भाइयों के घर जलाने के लिए लुकारा बना लिया। घर एवं बगल में स्थित हैंडपंपों का नटबोल्ट निकाल दिया था। लोगों ने बताया कि राजू ने जब घर में आग लगाई तो उस समय बड़ा भाई जितेंद्र किसी कार्य के लिए गांव में गया था। राजू ने जब आग लगाई घर पर सिर्फ महिलाएं ही थीं। लोगों का कहना है कि आग बुझाने के लिए एक व्यक्ति पहुंचा तो राजू ने उसे खुरपी से मारने का प्रयास किया।