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सड़कें बनीं वाहन स्टैंड, बिखरी गिट्टियों से दुर्घटना की आशंका

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तुर्कपट्टी में जगह नहीं मिला तो सड़क बना टेक्सी स्टैंड।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
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सड़कें बनीं वाहन स्टैंड, बिखरी गिट्टियों से दुर्घटना की आशंका
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बिना हेलमेट बाइक पर ट्रिपल सवारी, कान में ईयरफोन और तेज रफ्तार बन रही हादसे की वजह
पडरौना/गुरवलिया बाजार। यातायात सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग, यातायात और स्थानीय पुलिस की से सुस्ती दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दुर्घटना बहुल स्थलों पर संकेतक या स्पीड ब्रेकर का अभाव, गिट्टियां सड़क पर बिखरने से भी हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद न तो वाहन चालक सबक नहीं ले रहे हैं।
तुर्कपट्टी में सूर्य मंदिर को एनएच-28 से जोड़ने वाली तुर्कपट्टी-फाजिलनगर सड़क आबादी के बीच से गुजरी है। यहां सुरक्षा के प्रबंध और भी जरूरी हो जाते हैं, लेकिन कहीं सड़क पर गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं तो करीब दो दर्जन अंधे मोड़ पर संकेतक नहीं हैं। सड़क के किनारे बाजार लगने के बावजूद गति अवरोधक नहीं लगा है।
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कसया-सेवरही मार्ग बुद्ध नगरी को जोड़ता है। इस सड़क पर लोक निर्माण विभाग ने गति अवरोधक तो लगवा दिया, लेकिन कई हादसों के बावजूद सड़क पर सफेद पट्टी नहीं लगी है। इस मार्ग पर ब्लैक स्पॉट भी घोषित नहीं हुए हैं। जबकि नियमानुसार 500 मीटर के एरिया में तीन साल में पांच हादसे या दस मौत के बाद ब्लैक स्पाट घोषित करना होता है।
तुर्कपट्टी-फाजिलनगर मार्ग से 37 लिंक मार्ग करीब 80 गांवों की करीब एक लाख आबादी को जोड़ते हैं। इस सड़क का प्रयोग राहगीर जिला व तहसील मुख्यालय जाने के लिए करते हैं। क्षेत्र की सड़कों पर बाजू में हेलमेट, कान में ईयरफोन, ट्रिपल सवारी, तेज रफ्तार में बाइक चलाते युवा दिख जाएंगे।
आबादी क्षेत्र में आधा दर्जन अंधे मोड़
तुर्कपट्टी-फाजिलनगर मार्ग पर दस किमी की लंबाई में 20 बड़े खतरों वाले स्थल हैं। वहां न तो संकेतक हैं न स्पीड ब्रेकर। पुलियों के पास भी रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। गांगी टीकर में टूटी संकरी पुलिया की रेलिंग पर भी रिफ्लेक्टर नहीं लगा। भलुही चौराहा, गांगी टीकर, सपहां, महुअवा में अंधे मोड़ पर चेतावनी बोर्ड नहीं है। इससे इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में बच्चे अक्सर दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। गड़हिया पेट्रोल पंप, डिग्री कॉलेज, भलुही, देवपोखर, महुअवां में सड़क पर बाजार लगता है।
कहीं मिट गई सफेद पट्टी तो कहीं लगी ही नहीं
तुर्कपट्टी-फाजिलनगर मार्ग पर सफेद पट्टी लगी तो जरूर थी, लेकिन धूल और बिखरी गिट्टियों की वजह से ढक गई हैं। जगह-जगह बिखरी गिट्टियों से सड़क पतली हो गई है। टूटी पुलिया के लिए लगाया गया सूचना बोर्ड भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इस सड़क के किनारे सफेद पट्टी नहीं लगी है। इससे राहगीरों को सड़क का अंदाजा नहीं लग पाता है और दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
मुख्य सड़क को ही बना दिया टैक्सी स्टैंड
तुर्कपट्टी-फाजिलनगर व कसया-सेवरही सड़क क्षेत्र के व्यस्त मार्गों में हैं। इन दोनों मार्गों पर वाहन स्टैंड सड़क के किनारे हैं। टेंपो चालक सेवरही के लिए सवारियों को तुर्कपट्टी चौराहे के पूर्वी छोर पर बैठाते हैं। इसके 500 मीटर पूर्व कसया के लिए भी पुलिया के पास टेंपो और मैजिक चालक सवारियां बैठाते दिख जाएंगे। महुअवा के पास भी ऐसा नजारा दिखता है। दक्षिणी छोर पर टेंपो चालक सड़क पर सवारियां भरते हैं। इससे जाम भी लगता है। कसया-सेवरही मार्ग पर वाहन चालक सवारियों को लटकाकर ले जाते हैं। पटरियों के बजाय सड़क पर सवारियां चढ़ाने-उतारने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बिना हेलमेट के बाइक चलाते हैं टीनएजर
बाइक चलाते समय हेलमेट अनिवार्य है। दो से अधिक लोगों का बैठना भी नियम विरुद्ध है, लेकिन ज्यादातर टीनएजर बाइक चालक इन नियमों की अवहेलना करते हैं। मंगलवार देर रात छहूं में एक युवक हादसे का शिकार हो गया था। बृहस्पतिवार दोपहर में इस मार्ग पर तेज रफ्तार में चल रही स्कूटी सवार एक युवती ट्रक की चपेट में आने से बाल-बाल बची थी। कुछ युवा ओवर स्पीड में बाइक चलाते दिख जाएंगे।
सड़क पर गिट्टी-बालू बने राहगीरों की मुसीबत
दोनों प्रमुख सड़कों पर जगह-जगह सड़क के किनारे बालू और गिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। कसया से लेकर सेवरही तक करीब चार किमी की दूरी में 15 जगह भवन सामग्री के ढेर लगे हैं। बसडीला के पास सड़क पर ट्रक से भवन सामग्री गिराया गया है। गुरवलिया में मुख्य बाजार में गिट्टियां बिखरी हैं। राजापाकड़ के पास ईंट और बिल्डिंग मैटेरियल सड़क पर पड़े हैं।
तीन महीने में हो चुकी हैं दस दुर्घटना
यातायात विभाग हर साल ब्लैक स्पॉट चिह्नित करता है। मानक के मुताबिक 500 मीटर की सड़क पर पिछले तीन साल में पांच बार दुर्घटना हुई हो या 10 लोगों की जान गई हो, उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है। कसया-सेवरही मार्ग के राजापाकड़, सपही टड़वा सहित विभिन्न चौराहों पर एक साल में दस लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं किए गए हैं।
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कोट
ट्रिपल सवारी, ईयरफोन लगाकर चलने वाले, ओवरस्पीड और नशे में धुत होकर चलने वालों के खिलाफ दो दिन से अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यातायात विभाग की तरफ से अप्रैल में अब तक 59 वाहनों को चालान किया गया है।
सत्य शाण्याल शर्मा, यातायात निरीक्षक, कुशीनगर
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