सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं मरीजों लग रहा चार से पांच घंटों का समय
दूर से आने वाले मरीजों को होती है परेशानी
पडरौना। सस्ते दर पर इलाज की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को दो बार चक्कर लगाना पड़ रहा है। पहले दिन वह डॉक्टर को दिखा कर घंटों में जांच के लिए खड़ रहते हैं। अगले दिन रिपोर्ट के लिए आना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को समय के साथ आर्थिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि उपलब्ध संसाधनों से आने वाले हर मरीज को बेहतर उपचार व सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी व दवा वितरण काउंटर तक मरीजों की भीड़ रही। पर्चा काउंटर से करीब 1655 मरीजों ने अपना पर्चा बनवाए थे। जिसमें से करीब ओपीडी से 200 मरीजों को एक्स-रे जांच के लिए डॉक्टरों ने परामर्श दिया था, वहीं 425 मरीजों को खून व यूरिन सहित अन्य जांच के लिए परामर्श दिया गया था। इसके चलते दोपहर 12:00 बजे के बाद पैथाेलॉजी में सैंपल देने वाले करीब 55 मरीजों को देर शाम व शुक्रवार को जांच रिपोर्ट देने के लिए फिर बुलाया गया है। जबकि रिपोर्ट कुछ ही देर में मिल जानी चाहिए। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
वहीं सीटी स्कैन जांच के लिए पंजीकरण कराने वाले 37 मरीजों में दोपहर बाद तक सिर्फ 25 मरीजों का सीटी स्कैन हो पाया था। यहां मरीजों को सीटी स्कैन की फिल्म तत्काल दे दी जाती है लेकिन रिपोर्ट के लिए अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। ऑनलाइन तरीके से जांच रिपोर्ट का इंतजाम होना, इसकी वजह बताई जा रही है। कुछ यही, हाल दवा वितरण काउंटर के सामने खड़े मरीजों की भी रही। घंटों से कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए देखे गए। हालांकि ईसीजी के लिए मरीजों को कोई इंतजार नहीं करना पड़ता है। दोपहर 2:0 बजे तक 38 मरीजों का ईसीजी जांच हो चुकी थी। कॉलेज में एक्स-रे, पैथोलॉजी सहित सीटी स्कैन पंजीकरण काउंटर पर खड़े मरीजों ने कुछ इस तरह से दर्द बयां किया।
स्पीकअप
सुबह 10:0 बजे अस्पताल में पहुंच गई थी। पर्ची काउंटर से ओपीडी में दिखाने तक दोपहर के 12:0 बजे गए थे। डॉक्टर ने खून की जांच के लिए पर्ची पर सलाह दे दी। करीब एक घंटे इंतजार के बाद सैंपल दे पाया। जांच रिपोर्ट के लिए अब शुक्रवार को बुलाया गया है। मैं किराया खर्च कर 40 किमी दूर से आई हूं। कल फिर यह समस्या झेलनी है।
-लालमती देवी, चौकठिया
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नस से जुड़ी समस्या को दिखाने के लिए सुबह छह बजे ही अस्पताल पहुंच गई थी। पर्ची से लेकर ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने तक करीब पांच घंटे लग गए। जहां डाॅक्टर ने एक्स-रे कराने के लिए सलाह दे दी। यहां करीब दो घंटे से नंबर लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रही हूं। जरूरी काम से कल कहीं जाना था लेकिन अब फिर मेडिकल कॉलेज आना पड़ेगा।
-प्रियंका मिश्रा, पडरौना
सुबह 7:0 बजे ही अस्पताल पहुंचकर गई थी। पर्ची बनाकर ओपीडी में पहुंची तो वहां लंबी कतार लगी हुई थी। इसलिए करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा, करीब 11:0 बजे ओपीडी में पहुंचा, जहां एक मिनट में डॉक्टर ने परामर्श देकर सीटी स्कैन जांच के लिए सलाह लिख दी। डेढ़ घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रही हूं।
- दुर्गावती देवी, साड़ी खुर्द
दवा वितरण काउंटर पर कतार में एक घंटे खड़े होने के बाद पहुंच पाया। पर्ची पर लिखी पांच दवाओं में से सिर्फ तीन दवाएं ही मिल पाई, दो दवाएं उपलब्ध नहीं थी,उन्हें बाहर से लेने के लिए कहा गया है। पर्ची पर लिखी दवाओं का पूरा इंतजाम होना चाहिए।
अमरेंद्र कुशवाहा, पडरौना
कोट:-
मरीजों की जांच और दवा वितरण को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। मौजूद उपलब्ध संसाधनों से हर मरीज को बेहतर उपचार व स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए शासन स्तर पर कोशिश जारी है ताकि मरीजों को और बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।
- डॉ. दिलीप कुमार, सीएमएस मेडिकल कॉलेज कुशीनगर