परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध पेयजल स्रोत की गुणवत्ता की होगी जांच
पडरौना। परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को शुद्घ पेयजल उपलबध कराने की दिशा में शासन की तरफ से अच्छी पहल की गई है। अब जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में लगे पेयजल स्रोत की गुणवत्ता की जांच होगी। इसके लिए जलनिगम के अधिकारियों और बीईओ को निर्देश दिया गया है। इन जलस्रोतों की जांच वर्ष में दो बार होगी। इसके लिए स्कूल के कंपोजिट ग्रांट से खर्च किया जाएगा। गुणवत्ता पूर्ण पेजयल नहीं मिलने पर हैंडपंपों का रिबोर समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर जिले में 2464 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें करीब तीन लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इन विद्यार्थियों को शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी परिषदीय स्कूलों में दो से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप के अलावा नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में आस-पास के ओवर हैंडपंप से पेयजल उपलबध कराया गया है। ओवर हेड टैंक से उपलब्ध होने वाले पेयजल तो ठीक हैं, लेकिन इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित जल देते हैं। इसकी शिकायत गांव के लोगों की तरफ से होती रही है। लेकिन विभाग के पास शासन की तरफ से कोई निर्देश नहीं होने के चलते इसका प्रयोशाला में परीक्षण नहीं हो पाता था। इसके चलते इन विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक इन्हीं हैंडपंपों से निकलने वाले दूषित जल पीने का मजबूर होते थे। इसको गंभीरता से लेते हुए शासन ने सभी परिषदीय स्कूलों में उपलब्ध पेयजल के जल स्रोत की वर्ष ऋतु से पहले और वर्षा ऋतु के बाद वर्ष में दो बार जांच की जाएगी। इसके लिए शिक्षक स्कूल से प्रयोशाला तक पेयजल का नमूना प्रयोशाला तक ले जाने के लिए कंपोजिट ग्रांट से एक बार में 250 रुपये खर्ज कर सकेंगे। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से जलनिगम के अधिकारियों और जिले के सभी बीईओ को पत्र भेज दिया गया है।
मिलेगा स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार
विद्यालयों में जल स्वच्छता एवं विद्यालयों में साफ-सफाई की मान्यता करने एवं स्वचछता के प्रति सामुदायिक व्यवहार में उत्कृष्ट विद्यालयों को प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार की व्यवस्था कीगई है। जो विद्यालय उपलब्ध पेयजल स्रोत और विद्यालय की नियमित साफ-सफाई रखेंगे उन्हें स्वच्छता विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में लगे पेयजल स्रोत की गुणवत्ता जांच करने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह की तरफ से पत्र मिला है। इसके लिए जल निगम के अधिकारी के साथ ही जिले के सभी बीईओ को पत्र जारी कर पेयजल स्रोत की गुणवत्ता नियमानुसार जांच के लिए निर्देश दिया गया है।
डॉ. सत्यप्रकाश तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी