पडरौना। त्योहारों को देखते हुए नगर में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री फिर से जोर पकड़ने लगी है। मिलावटखोर व्रत के दौरान प्रयुक्त होने वाली खाद्य सामग्री को भी नहीं छोड़ रहे हैं। बाजार में शुद्ध घी के नाम पर रिफाइन और वनस्पति मिलाकर बेचा जा रहा है।
खाद्य विभाग की जांच में भी इसकी पुष्टि हुई है। बीते दीपावली पर लिए गए घी के दो नमूने में से एक नमूना फेल मिला था। अब मिलावटखोर ईद और नवरात्र के त्योहार पर मिलावटी घी खपाने की जुगत में लगे हैं।
इसलिए लोगों को बाजार से घी खरीदते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। थोड़ी भी लापरवाही हुई तो मिलावटी घी घर पहुंच जाएगा, जिससे स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
जनवरी में नेबुआ नौरंगिया थाना ने क्षेत्र के सूरजनगर बाजार में पुलिस ने नकली घी बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा था। इस दौरान पुलिस ने दस डब्बा डालडा और एक डब्बा घी बरामद किया है। पुलिस ने बरामद डालडा और घी को कब्जे में लेकर पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ कर शांति भंग की धारा में चालान कर दिया था।
हिरासत में लिए गए तीन लोगों में एक बिहार का रहने वाला था। उसके अलगे दिन पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने तीन नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। उसकी जांच रिपोर्ट विभाग को मिली तो उसमें रिफाइन और वनस्पति तेल में घी मिलाकर बेचने की पुष्टि हुई। इन धंधेबाजों के पास से भारी मात्रा में गैलन और नकली घी बनाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री भी बरामद की थी।
इस माह के अंत में ईद और उसके बाद चैत्र रामनवमी का त्योहार है। इन त्योहारों पर घी का प्रयोग लोग अधिक करते हैं। क्योंकि ईद पर सेवई समेत अन्य पकवान बनाने में घी का ही सर्वाधिक उपयोग होता है।
इसके अलावा नवरात्र में भी पूजा पाठ के अलावा व्रत रखने वाले लोग शुद्ध घी से बनी सामग्री का ही सेवन करते हैं। इस त्योहार पर घी के बढ़ते मांग को देखते हुए मिलावट खोर सक्रिय हो गए हैं। मिलावट खोर घी में मिलावट करने के लिए, सस्ते और खराब क्वालिटी के तेल जैसे वेजिटेबल तेल, पिघला हुआ बटर, डालडा और हाइड्रोजिनेटेड तेल का इस्तेमाल करते हैं। बाजार के मिलावट खोरों से बचने के लिए खरीदारी करते समय लोगों को ही सावधानी बरतनी होगी। हालांकि, खाद्य विभाग की तरफ से गठित टीम जिले में अभियान चलाकर जांच कर नमूने एकत्र करने में जुटी है।