बांसी नदी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
- जिले के शिवाघाट और पनियहवा स्थित नारायणी घाट पर आयोजित हुआ कार्तिक पूर्णिमा का स्नान
मेला में लोगों ने की सामान की खरीदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/जटहां बाजार। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यूपी-बिहार की सीमा पर स्थित जिले के बांसी धाम पर शुक्रवार की भोर से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसके बाद विधि-विधान से पूजा अर्चना कर गोदान किया। मेले में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की संख्या अधिक देखी गई। बृहस्पतिवार शाम से ही दूर-दराज से श्रद्धालु जुटने शुरू हो गए थे। स्नान के बाद बांसी नदी घाट के किनारे लगे मेले में लोगों ने खरीदारी की। मिठाई, खिलौनों और शृंगार की दुकानों पर खरीदारों की अधिक भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यूपी और बिहार पुलिस प्रशासन की तरफ से काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे से क्षेत्र के दूर-दराज से आए श्रद्धालु बांसी नदी के दोनों तटों पर पहुंचने लगे थे। शुक्रवार की भोर से ही नदी के दोनों तरफ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लग गई। श्रद्धालुओं के स्नान के बाद नदी से बाहर निकल और विधि-विधान से पूजन कर गोदान व पूजा अर्चना की गई। उसके बाद दान किया। बांसी मेले में बाहर से आए झूला, सर्कस, जादूगर आदि आकर्षण का केंद्र बने रहे। इसमें बच्चों एवं युवाओं की अच्छी खासी भीड़ देखी गई।
मथौली बाजार प्रतिनिधि के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को छोटी गंडक नदी के सिकटिया घाट पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। यहां सुबह करीब चार बजे से ही स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे। इसी तरह क्षेत्र के हरपुर, अथरहा, रगड़गंज आदि छोटी गंडक नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान-दान किया।
निशुल्क भोजन और दवा की थी व्यवस्था
बांसी मेले में आए श्रद्धालुओं के निशुल्क भोजन और विश्राम के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों की तरफ से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें विधानसभा पडरौना के कांग्रेस नेता मनीष जायसवाल मंटू की तरफ से बांसी घाट पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा बांसी मेले में आए श्रद्धालुओं तबीयत बिगड़ने पर जनक फाउंडेशन के तरफ से बांसी चौकी के पास कैंप लगाकर मेले में आए श्रद्धालुओं में निशुल्क दवा वितरण किया गया।
इस दौरान संतोष जायसवाल, मंटू जायसवाल, शुभम जायसवाल, सुमित चौरसिया, अभिषेक केशरवानी, बंटी गुप्ता, कैलाश जायसवाल, किशन जायसवाल आदि मौजूद रहे।
लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की रही चौकसी
ऐतिहासिक बांसी मेले को लेकर यूपी और बिहार के पुलिस प्रशासन की तरफ से विशेष चौकसी बरती गई। मेला परिसर में पुलिस जगह-जगह तैनात की गई थी। इसके अलावा एसडीएम सदर ने पुलिस टीम के साथ मेला का जायजा लिया।
सेवरही के बांसी और गंडक नदी में भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया
फोटो है।
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र के बांसी और गंडक नदी में शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मेला परिसर में गोदान, दीपदान के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना कर दान-पुण्य किया। कई घाटों पर श्रद्धालुओं ने रात्रि में कल्पवास किया और कोशी भरकर नदी की भी आरती की।
मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा को पवित्र नदियों में स्नान व दान करने से मोक्ष का मिलता है। सेवरही क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर बांसी व गंडक नदी के किनारे स्थित शिवाघाट, मलाहीघाट, दमकलघाट, गोलाघाट, पिपराघाट, गौरीघाट, पांडेय पट्टी घाट, रुक्मिणी घाट, जंगलीपट्टी, घघवा जगदीश, चैनपट्टी, विरवट कोंन्हवलिया, नोनियापट्टी, बाकखाश, बाघाचौर और अहिरौलीदान गांव के पास गंडक नदी में लोगों ने स्नान किया। इसके बाद दीपदान और गौ-दान कर गरीबों में दान पुण्य किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला समिति की तरफ से इन सभी घाटों पर रात्रि विश्राम व खाने पीने का निशुल्क इंतजाम किया गया था। शिवाघाट पर नगर पंचायत चेयरमैन श्यामसुंदर विश्वकर्मा, हनुमान सेवा समिति, सुनील नाथानी, पिपराघाट में जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव व डॉ. आरएन यादव, विरवट कोंहवलिया में आनंद सिंह व संजय सिंह की तरफ से स्नानार्थियों के लिए विशेष प्रबंध किया गया था।
अमर ने अमन को दिखाया आसमान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बोदरवार। क्षेत्र के मोहन मुंडेरा गांव में कार्तिक पूर्णिमा पर मेले में कुश्ती का आयोजन हुआ। इसमें क्षेत्रीय पहलवानों का दबदबा रहा।
कुश्ती में रामबाबू ने सुहेल को, समीर ने सैफ को रूपनरायन ने जितेंद्र को अखाड़े में पटखनी दी। मोहन मुंडेरा के रामाश्रय व बनकटा के मुस्ताक की कुश्ती बराबरी पर रही। कुश्ती का संचालन नर्वदेश्वर पटेल ने किया। इस दौरान ग्राम प्रधान अरविंद चौबे, मुरारी निषाद, विनोद कुमार, परमहंस प्रसाद, राधेश्याम वर्मा आदि मौजूद रहे है।