-मधुरिया रजवाहा पर महासोन में बनी नहर की पुलिया का मामला
-सड़क का निर्माण हुआ और पुलिया की एप्रोच अधूरी छोड़ दी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
तुर्कपट्टी। मधुरिया राजवाहा पर छहूं से जोकवा जाने वाली सड़क पर स्थित महासोन गांव की पुलिया की क्षतिग्रस्त एप्रोच राहगीरों के लिए दुर्घटना का सबब बन गई है। वर्तमान में डीपीआर मॉडल से सड़क का चौड़ीकरण एवं उच्चीकरण हो रहा है। कार्यदायी संस्था की तरफ से क्षतिग्रस्त एप्रोच का निर्माण न करने से कीचड़ और ईंट बिखर गई है। इस पर आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है।
अप्रैल से छहूं से जोकवा बाजार जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण, उच्चीकरण करते हुए डीपीआर मॉडल से बनाए जाने के लिए शासन से 15 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। फरवरी में सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू किया गया। इस दौरान महासोंन गांव स्थित पुलिया की एप्रोच क्षतिग्रस्त हो गई। अब राहगीर कसया जाने के लिए सात से आठ किलोमीटर की अधिक यात्रा कर छहूं या जोकवा बाजार होकर कसया, पडरौना या अन्य गंतव्य स्थल जा रहे हैं। एप्रोच पर बिखरी ईंट एवं कीचड़ में गिरकर आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। शुक्रवार को सपहा निवासी सुनीता पति के साथ बाइक से गिर गईं, उनके सिर में गंभीर चोट आई। गुरवालिया की तीन छात्राएं ट्यूशन से लौटते समय चोटिल हो गईं।
पुरंदरपुर टाइल्स लेकर जा रहे फाजिलनगर के आसिफ का टेंपो पुलिया पर चढ़ते समय पलट गया, इससे वह खुद चोटिल हो गए एवं हजारों की टाइल्स टूट गई। क्षेत्र के गांव महासोन निवासी रामेश्वर प्रसाद, अंशुमान त्रिपाठी, अरविंद त्रिपाठी, सरफराज अली, महेंद्र यादव एवं राघव तिवारी का कहना है कि ठेकेदार और विभागीय लापरवाही से पुलिया लोगों की जान की दुश्मन बनी है।
सभी एप्रोच को सड़क से जोड़ना ठेकेदार की जिम्मेदारी है। महासोन की पुलिया की एप्रोच अभी तक अधूरा क्यों है, इसकी जांच की जाएगी। एप्रोच का निर्माण कार्य समाप्ति से पूर्व करा दिया जाएगा।
-सूर्य प्रताप, अधिशासी अभियंता, आरईएस