जिले में 77.90 फीसदी ही हो सकी धान खरीद
99,200 मीट्रिक टन खरीदा जाना था धान, खरीद हुई सिर्फ 77,281.43 एमटी
इस साल धान के समर्थन मूल्य में हुई थी 72 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि
19 करोड़ 56 लाख 23 हजार रुपये किसानों को भुगतान करना बाकी
कुशीनगर। जनपद में धान खरीद की गति इस साल काफी सुस्त रही। समर्थन मूल्य में 72 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। इसके बावजूद लक्ष्य से 22.10 फीसदी कम धान की खरीद हुई। भुगतान भी 19.56 करोड़ रुपये किया जाना बाकी है। बेचे गए धान के एवज में किसानों को 19 करोड़ 56 लाख 23 हजार रुपये किसानों को भुगतान करना बाकी है।
इस विपणन वर्ष में नवंबर से धान खरीद के लिए छह एजेंसियां नामित की गई थीं। खाद्य विभाग की 21, भारतीय खाद्य निगम की एक, पीसीएफ की 26, नैफेड की आठ, पीसीयू की सात और यूपीएसएस की छह सहित कुल 69 क्रय केंद्र धान खरीद के लिए बनाए गए थे। इन्हें कुल 99,200 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया था। धान का समर्थन मूल्य 72 रुपये बढ़ाकर 1,940 रुपये क्विंटल किया गया था, लेकिन धान खरीद में अपेक्षाकृत तेजी नहीं आई।
28 फरवरी तक जनपद के 18,286 किसानों से 77,281.43 मीट्रिक टन ही धान खरीदा जा सका, जो शासन से मिले लक्ष्य का 77.90 प्रतिशत है। खरीदे गए धान के एवज में एक अरब, 49 करोड़, 92 लाख 60 हजार रुपये भुगतान करना था। इसमें से एक अरब 30 करोड़ 36 लाख 37 हजार रुपये किसानों को भुगतान कर दिए गए हैं, लेकिन 19 करोड़ 56 लाख 23 हजार रुपये किसानों को देना बाकी है।
एजेंसी का नाम लक्ष्य धान खरीद भुगतान अवशेष
1. खाद्य निगम 21 36,344.32 6,181.39 869.41
2. भारतीय खाद्य निगम 01 685.68 129.98 3.04
3. पीसीएफ 26 22,308.76 38,78.03 449.87
4. नैफेड 08 6,043.77 793.84 378.65
5. पीसीयू 07 9,493.62 1,594.17 247.59
6. यूपीएसएस 06 2,405.29 458.96 7.67
योग 69 77,281.43 13,036.37 1956.23
(धनराशि लाख में और वजन लाख क्विंटल में)
धान खरीद के लिए इस विपणन वर्ष में छह एजेंसियों के 69 क्रय केंद्र बनाए गए थे। 99,200 मीट्रिक टन धान खरीदा जाना था, लेकिन यूपीएसएस, नैफेड तथा पीसीयू की तरफ से लक्ष्य के सापेक्ष धान खरीद नही की जा सकी। इस वजह से लक्ष्य के अनुरूप धान खरीद नहीं हो सकी। अवशेष भुगतान भी किसानों को शीघ्र कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विनय प्रताप सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी