हाटा। फर्जी गांव बना कर धान खरीद में की गई धांधली की जांच तो डीएम शुरू करा दी है, लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में कई और भी चौंकाने वाले मामलें सामने आए हैं। हाटा क्षेत्र के पटनी बलुआ रामपुर श्रीपाल क्रय केंद्र पर पडरौना, देवरिया, कसया समेत दूर दराज गांवों के किसानों के नाम से धान की खरीद की गई है। यही कारण है कि ऐसे क्रय केंदों ने अपने लक्ष्य से तीन गुना अधिक तक खरीद की है। माना जा रहा है कि बाहरी किसानों के नाम से की गई खरीद फर्जी ढंग से बिचौलियों को लाभ देने के लिए की गई है, क्योंकि पचास किलोमीटर दूर के क्रय केंद्र पर कोई किसान अपनी फसल बेचने क्यों जाएगा। जबकि उसके गांव के आसपास भी कई सरकारी क्रय केंद्र मौजूद है।
किसानों के धान खरीद के लिए जिला प्रशासन ने जगह-जगह क्रय केंद्र खोले थे। जिससे गांव के किसानों को अपनी फसल बेचने कि लिए कही दूर नहीं जाना पड़े, लेकिन खरीद में फर्जीवाड़ा करने वालों ने दूरी का भी ख्याल नहीं किया। केंद्र से 50 किलोमीटर दूर गांव के किसानों के नाम से हजारों कुंतल धान बेंच दी। उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो हाटा के बलुआ रामपुर श्रीपाल में बने पीसीएफ के क्रय केंद्र से पडरौना की दूरी करीब 50 किलोमीटर की होगी, लेकिन पडरौना के रहने वाले किसान मंटू सिंह के नाम से 116 क्विंटल धान बेंच दिया गया। जबकि पडरौना के आसपास करीब एक दर्जन से क्रय केंद्र मौजूद है। इसी तरह से इस केंद्र पर देवरिया जिले के हेतिमपुर के किसान अक्षय कुमार यादव के नाम से 84 क्विंटल धान की खरीद की गई है। पडरौना के ही रामू शर्मा और कसया के सहबजादा से भी इस केंद्र के प्रभारी ने धान की खरीद कर ली है, जबकि यहा के आसपास के तमाम ऐसे किसान है जो अपना धन बेचने के लिए इस क्रय केंद्र का चक्कर लगाते रहे। इसकी जांच के लिए डीएम ने एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम गठित किया गया है।