हाटा। क्षेत्र के विधायक मोहन वर्मा की ओर से सिंचाई विभाग परिसर के भवनों के दोबारा निर्माण में धांधली का मुददा एक माह पहले सदन में उठाया था। जिस पर शासन की ओर से तीन सदस्यों की टीएसी टीम का गठन किया गया था। शुक्रवार को टीम ने हाटा पहुंच कर निर्माण में कार्य में हुई शिकायत के बिंदुओं की जांच की और निर्माण में प्रयोग हुई सामग्री का नमूना भी प्रयोगशाला में जांच के लिए अपनी साथ ले गई। हाटा सिंचाई विभाग कालोनी परिसर में स्थित डाकबंगले का भवन, सहायक अभियंता प्रथम तथा सहायक अभियंता चतुर्थ एवं जिलेदार प्रथम तथा जिलेदार चतुर्थ का कार्यालय सहित अन्य भवन भी जर्जर हो चुके थे। सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश शासन की ओर से इन भवनों के दोबारा निर्माण के लिए और विशेष मरम्मत मद के लिए दो करोड़ 49 लाख रुपये का बजट जारी किया था।
आरोप था कि इस निर्माण कार्य में मानकों की जमकर अनदेखी की गई थी। जिसकी शिकायत करने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिसकी वजह से विधायक को यह मुद्दा सदन में उठाना पड़ा। सदन में मामला उठने के बाद शासन की ओर से टीएसी टीम का गठन किया गया था। शुक्रवार को प्रदीप कुमार, आशीष सक्सेना और योगेंद्र कौशिक की टीम दोपहर में तीन बजे हाटा सिंचाई विभाग परिसर में पहुंची। जहां निर्माण कार्य की निरीक्षण किया और कई जगहों को निर्माण सामग्री का नमुना भी एकत्र किया। इसी के साथ स्टीमेट और एमबी के पत्रावलियों का अवलोकन भी किया।
जांच के दौरान टीम से जांच के बारे में पूछने पर टीम अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने बताया कि पत्रावलियों और निर्माण सामग्री का जांच की गई है। निर्माण समाग्री के नमुने भी हम लोग टेस्ट के लिए अपने साथ ले जा रहे है।