खुद का स्कूल ध्वस्त, उधार के विद्यालयों में पढ़ाई
साहबगंज के संविलयन विद्यालय के जर्जर भवन को करा दिया गया था ध्वस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। उच्च प्राथमिक विद्यालय साहबगंज और प्राथमिक विद्यालय राजदरबार के पास अपना भवन नहीं है। इन दोनों विद्यालय के बच्चों को नजदीक के दूसरे विद्यालयों में भेजकर पढ़ाया जा रहा है, लेकिन एक ही परिसर में दो विद्यालयों का संचालन होने से कारण भीड़ अधिक होने से बच्चों को असुविधा होती है। उनमें संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।
आठ प्राथमिक और दो उच्च प्राथमिक विद्यालय समेत कुल दस परिषदीय विद्यालयों का संचालन होता है। इन विद्यालयों में से प्राथमिक विद्यालय कन्नौजिया वार्ड पूर्वी, प्राथमिक विद्यालय नौका टोला और प्राथमिक विद्यालय राजदरबार किराए के भवन में संचालित होते हैं। कुछ वर्ष पहले किराए पर संचालित हो रहे प्राथमिक विद्यालय राजदरबार के मकान मालिक ने खाली करा दिया। इसके बाद से इसे प्राथमिक विद्यालय कन्नौजिया वार्ड पश्चिमी में शिफ्ट कर दिया गया है। तब से इस विद्यालय के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई उसी विद्यालय में चल रही है।
साहबगंज में संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन काफी पुराना होने के चलते जर्जर हो गया था। किसी हादसे के भय से बीते मार्च माह में विद्यालय के भवन को ध्वस्त करा दिया गया, लेकिन ध्वस्त भवन के स्थान पर अभी तक भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में विद्यालय बंद होने के बाद बीते 24 अगस्त से विद्यालयों में फिर से पढ़ाई शुरू हो गई है। इसके बाद इस विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का संकट हो गया। बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए साहबगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय (कन्या) में शिफ्ट कर दिया गया। तब से प्राथमिक विद्यालय (कन्या) साहबगंज के एक कमरे में संविलयन विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक नामांकित करीब सौ बच्चों की पढ़ाई हो रही है। एक ही विद्यालय परिसर में दो विद्यालयों के संचालन होने से शिक्षकों और विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। संविलय विद्यालय साहबगंज की प्रभारी प्रधानाध्यापक मीनू देवी ने बताया कि विद्यालय का जर्जर भवन ध्वस्त होने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस विद्यालय में पढ़ाई कराई जा रही है।
बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि संविलयन विद्यालय जर्जर होने से उसे नीलाम कर ध्वस्त कराया गया है। नए भवन के निर्माण के लिए पत्र व्यवहार किया जा रहा है। जब तक विद्यालय के लिए भवन का निर्माण नहीं हो रहा है। तब तक इस विद्यालय के बच्चों को नजदीक के विद्यालय में शिफ्ट कर पढ़ाई कराई जा रही है।