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ऑनर किलिंग के मामले में पिता को आजीवन कारावास

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ऑनर किलिंग के मामले में पिता को आजीवन कारावास
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- 16 साल की बेटी की हत्या का दोषी होने पर सुनाई गई सजा
- दस हजार रुपये अर्थदंड भी, अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम की अदालत ने सोमवार को ऑनर किलिंग जैसे मामले में मृतका के पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 16 साल की किशोरी की हत्या के मामले में पुलिस को पिता के खिलाफ ही सुबूत मिले थे। अदालत ने मृतका के पिता को दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अर्थदंड न दे पाने की स्थिति में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि रामकोला थाना क्षेत्र के हरपुर माफी गांव के शोभा छपरा टोला निवासी परमहंस प्रसाद गोंड की 16 वर्षीय पुत्री निर्जला का शव 29 जून 2017 को सुबह छह बजे घर में छत के कुंडे में दुपट्टे से लटकता पाया गया था। पिता ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत से पहले चोट के गहरे निशान पाए गए। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की तो पिता को ही हत्या का आरोपी पाया। मृतका के पिता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। तभी से यह मुकदमा चल रहा था।
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अधिवक्ता ने बताया कि सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम की अदालत में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। नौ गवाह और किशोरी का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर न्यायालय में प्रस्तुत हुए। गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मदन मोहन ने परमहंस को अपनी ही बेटी की हत्या का दोषी पाया। लिहाजा उन्होंने आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न दे पाने की स्थिति में छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। अधिवक्ता कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि किशोरी गर्भवती मिली थी। इस वजह से पिता ने उसकी हत्या करने की बात स्वीकार की।
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