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कुशीनगर एयरपोर्ट से जल्द उड़ान शुरू होने की उम्मीद

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कुशीनगर एयरपोर्ट से जल्द उड़ान शुरू होने की उम्मीद
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- देश का 29वां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा
सोमवार को बोइंग-737 विमान उतरा, कुछ देर रुकने के बाद उड़ गया
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया (कुशीनगर)। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जल्द उड़ान शुरू कराने के लिए फिर कवायद तेज हो गई है। भारतीय वायुसेना का बोइंग-737 विमान सोमवार को हवाई अड्डे पर उतरा। 19 मिनट रुकने के बाद फिर उड़ान भर लिया। यह हवाई अड्डे से जल्द उड़ान शुरू कराने के लिए संभवत: शुभ संकेत माना जा रहा है।
हवाई अड्डे पर स्थापित एटीसी के माध्यम से यहां आने वाले जहाजों के बारे में विमान पत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों को जानकारी मिल रही है। भारतीय वायुसेना के इस बोइंग-737 व उसमें हवाई अड्डे से संबंधित सुरक्षा व अन्य जानकारी लेने पहुंचे पायलट समेत नौ सदस्यीय टीम का कोई सदस्य हवाई अड्डे पर विमान से नहीं उतरा। हालांकि उम्मीद है कि इस हवाई अड्डे के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद उड़ान जल्द शुरू हो सकेगी।
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देश का 29वां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
24 जून 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल की समिति ने कुशीनगर हवाई अड्डे को एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया था। यह भारत का 29वां और उत्तर प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इस हवाई अड्डे का सामरिक महत्व भी है। क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के पीछे भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होना भी है, जहां देश व विदेश से लाखों की तादाद में पर्यटक आते हैं।
बसपा सरकार में हुई थी हवाई अड्डा बनाने की शुरुआत
कुशीनगर में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 1995 में मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने अंग्रेजी हुकूमत में बनी हवाई पट्टी को विकसित कर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की शुरुआत की थी। इसके बाद 10 अक्तूबर 1995 को कांग्रेस सरकार के केंद्रीय विमानन मंत्री गुलाम नबी आजाद और यूपी के तत्कालीन राज्यपाल मोती लाल बोरा ने टर्मिनल बिल्डिंग का शिलान्यास किया था।
सपा सरकार में हुआ था भूमि पूजन
वर्ष 2016 में सपा सरकार ने कुशीनगर हवाई पट्टी को विकसित करने के लिए 199 करोड़ रुपये दिए। इसका शुभारंभ 04 अप्रैल 2016 को प्रदेश के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने डीएम की मौजूदगी में भूमि पूजन कर किया था।
600 एकड़ में है अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लगभग 600 एकड़ क्षेत्रफल में है। इस हवाई अड्डे के रनवे की लंबाई 3200 मीटर व चौड़ाई 46 मीटर एकल हवाई पट्टी है। यह बड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है।
उड़ान के लिए संसाधनों से लैस है हवाई अड्डा
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उड़ान से संबंधित सभी तरह के संसाधनों से पूरी तरह तैयार है। इसे चालू कराने के लिए सरकार की तरफ से सिर्फ निर्णय लेना है। प्रदेश का सबसे बड़ा रनवे हैं। 21 किलोमीटर लंबाई में चारों तरफ से बाउंड्रीवाल है। इसके एप्रन पर एक साथ पांच जहाजों के पार्किंग की सुविधा है।
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जर्मन फैब्रिक मैटेरियल से टर्मिनल बिल्डिंग भी बनकर तैयार
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 4800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में जर्मन फैब्रिक मैटेरियल से टर्मिनल बिल्डिंग बनकर तैयार है, जिसमें सभी तरह की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा फायर बिल्डिंग, बिजलीघर, पंप हाउस, पुलिस स्टेशन, आठ मंजिल का एटीसी बिल्डिंग बनकर तैयार हैं।
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