कोरोना पर नियंत्रण में मददगार बनेगी आयुष सुरक्षा किट
प्रत्येक किट में समसमनी वटी, अणु तेल, च्यवनप्राश सहित कई लाभप्रद औषधियां रहेंगी उपलब्ध
कुशीनगर। कोरोना की तीसरी लहर में भी संक्रमण से बचाव के लिए आयुष विभाग ने पहले से अधिक तैयारी के साथ कमर कस ली है। अभी से जिले के सभी 42 आयुर्वेदिक अस्पतालों पर आयुष सुरक्षा किट भेजवा दिया है। प्रत्येक किट में समसमनी वटी, अणु तेल, आयुष काढ़ा, च्यवनप्राश, आयुष टेबलेट और अगस्त हरीतकीय रसायन सहित लाभप्रद औषधियां हैं। विभाग का मानना है कि यह न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएंगी, बल्कि संक्रमण से भी बचाएंगी।
कोरोना की दूसरी लहर के समय से आयुर्वेद विभाग संक्रमण से बचाव के प्रति सक्रिय है। पिछली बार भी संक्रमण से बचाव के लिए विभाग की तरफ से अणु तेल और काढ़ा के रूप में प्रयुक्त होने वाली औषधि मुफ्त दी गई थी। संक्रमण थमने के बाद इसका वितरण बंद हो गया। अब जबकि तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है और संक्रमण दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है, ऐसे में आयुर्वेद विभाग ने फिर से रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली औषधियों का वितरण शुरू कर दिया है।
पडरौना के आयुर्वेदिक एवं यूनानी अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार आजाद ने बताया कि समसमनी वटी में गिलोय और गुदची जैसी औषधियां हैं, जो एंटी वायरल होती हैं। बुखार में कारगर होती हैं। अणु तेल एंटी एलर्जिकल औषधि होती है। च्यवनप्राश ताकत तथा आयुष काढ़ा गले में खराश नहीं होने देता है। खांसी या गले से संबंधित तकलीफों से बचाएगा। आयुष-64 टेबलेट ज्वर-बुखार की दवा है। जिन्हें बुखार चढ़ता-उतरता हो, उनके लिए यह औषधि कारगर होती है। अगस्त हरीतकीय ताकत के लिए है। यह शरीर की इम्युनिटी पावर बढ़ाने के लिए है। लगभग 450 किट हर अस्पताल पर भेजी गई है।
‘आयुर्वेदिक अस्पतालों में भेज दी गई है किट’
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रामभरोस गुप्ता ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए विभाग की तरफ से यह किट भेजी गई है। इसका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। सभी 42 आयुर्वेदिक अस्पतालों में यह किट भेज दी गई है।