ससुराल में युवक को बंधक बनाकर पीटा गया, बचाने आए परिवार के सदस्यों की भी पिटाई
नेबुआ रायगंज। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बलकुडिया गांव में एक युवक ने पत्नी व ससुराल के लोगों पर रस्सी से बांधकर पिटाई करने का आरोप लगाया है। युवक के परिवार के कुछ सदस्यों को भी पीटा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को मुक्त कराया और एक आरोपित का शांतिभंग के अंदेशे में चालान कर दिया। घायलों का इलाज कोटवा सीएचसी में चल रहा है।
बलकुडिया गांव की चांदनी का गांव के ही सजातीय युवक से प्रेम प्रसंग का मामला उजागर होने पर पंचों की मौजूदगी में मंदिर में शादी हुई थी। बाद में विवाद होने पर युवती आमरण अनशन पर बैठ गई थी। उसके बाद युवक सहित उसके परिजनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में युवती कुछ दिन ससुराल में रहने के बाद झगड़ा कर मायके चली गई थी। उसने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली। पांच और छह दिसंबर तक पति के घर में जाने के लिए अनशन पर बैठी रही थी। नेबुआ नौरंगिया थाने के एसओ पवन कुमार सिंह के आश्वासन के बाद उसने अनशन समाप्त किया था।
इधर, आठ दिसंबर को युवक सुजीत के बड़े भाई बिट्टू की बरात निकलने के बाद युवती ने हंगामा किया था। बुधवार को जब बरात वापस आई तो टेंट का सामान पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर लेने युवक जा रहा था। आरोप है कि उसी दौरान युवक की पत्नी, उसका साला, सास, ससुर आदि उसे अपने घर में उठा ले गए और उसका हाथ-पैर रस्सी सें बांधकर पीटा।
युवक के चिल्लाने पर उसके पिता, माता, भाई, बहन आदि छुड़ाने गए तो उन्हें भी पीटकर घायल कर दिया गया। सूचना मिलने पर एसआई सभाजीत सिंह पहुंचे और युवक को मुक्त कराकर उसके ससुर भैरव को हिरासत में ले लिया। सुनीता, धन्नु, सुरेश, सावित्री, बिट्टू घायल हुए हैं। उन्हें कोटवा सीएचसी भेजा गया है। वहां सभी का इलाज हो रहा है।
इस संबंध में एसओ पवन कुमार सिंह का कहना है कि चांदनी नाम की शादीशुदा युवती अपने पति को बंधक बनाकर पीट रही थी। पुलिस ने मौके से एक को हिरासत में लेकर शांतिभंग के अंदेशा में चालान कर दिया। पीड़ित पति की तरफ से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।