पडरौना। बदलते मौसम में लोगों की इम्युनिटी कमजोर हो रही है। डॉक्टर इसकी मुख्य वजह मौसमी इंफेक्शन बता रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य को लेकर लोगों को इससे बचने के लिए खुद ही सतर्क रहना होगा। अस्पताल में पहुंच रहे मरीजों को डॉक्टर दवा के साथ नियमित व्यायाम की सलाह दे रहे हैं।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा मिश्रा ने बताया कि बदलते मौसम में गर्भवती महिलाओं में रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। ऐसे में वे छोटी-छोटी बात पर नाराज हो रही हैं। अस्पताल आने पर उन्हें दवा के साथ मौसमी फल और भोजन में पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जा रही है। वहीं पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय पडरौना के चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि मौसम के बदलाव होने पर लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे लोग सर्दी, खांसी, सिरदर्द, गले में खराश, शरीर में दर्द जैसी दिक्कतें आती हैं। इन मौसमी बीमारियों को देखते हुए लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ठंड अभी पूरी तरह से नहीं गई है। दिन में धूप होने से गर्मी तो रात में सर्द हवाएं चलने से मौसम सर्द हो जा रहा है। इस बदलते मौसम में लापरवाही का असर लोगों के सेहत पर पड़ रहा है। इसकी वजह से लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बदलते मौसम के कारण लोगों को अस्पताल आना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि आजकल ओपीडी में आ रहे 200 मरीजों में से करीब 50-60 मरीज मौसमी बीमारी से ही पीड़ित मिल रहे हैं। उन्हें दवा के साथ पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जा रही है।