बेटे को भी मारने का था प्लान
उसके पिता रामप्रवेश गांव से दो किलोमीटर दूर धनहां चौराहे पर एक गुमटी (टंकी) में नमकीन-चिप्स आदि बेचते हैं। रोजगार न होने के कारण अजीत का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा था। मंगलवार को सुबह पति-पत्नी में झगड़ा भी हुआ था। बताया जा रहा है कि वह मायके जाने के लिए कह रही थी। बाद में अजीत उसे बाइक से अपनी ससुराल तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के धारीपट्टी लेकर गया था। देर शाम दोनों घर आए।
रात में अजीत ने पत्नी सिंधु गुप्ता (30), दोनों बच्चों बेटी नंदनी (12) और बेटा अंशु (09) को बुलाया। अंशु अपने दादा के साथ अंडा खाने जाने की बात कहकर उनके पास नहीं गया। उसके बाद अजीत ने पत्नी, बेटी और खुद पेप्सी में जहर मिलाकर पिला दिया और खुद भी पी लिया। इसके बाद तीनों की हालत बिगड़ने लगी। कुछ देर बाद बेटा आया तो कमरा अंदर से बंद पाया।
उसने शोर मचाया तो नंदनी ने दरवाजा खोला। तीनों की हालत देख सभी सन्न रह गए। उन्हें बाइक से फाजिलनगर सीएचसी ले गए, जहां हालत नियंत्रण से बाहर देख डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान देर रात अजीत की मौत हो गई, जबकि पत्नी की सुबह नौ बजे मौत हुई है। बेटी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
एसपी बोले
एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि अजीत को इंसेफेलाइटिस हुआ था। मृतक दंपति की बेटी ने पुलिस को बयान दिया है कि उसके माता-पिता के बीच सुबह झगड़ा हुआ था। घटना की वजह गृहकलह सामने आयी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद और तथ्य सामने आएंगे।