पडरौना शहर के काॅलेज रोड पर धूप से बचने के लिए छाता लगा कर जातीं महिला। संवाद
कुशीनगर। जनपद में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। कृषि विज्ञान केंद्र, कुशीनगर के स्वचालित मौसम केंद्र पर हाल ही में करीब 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है।
अप्रैल के शुरुआती दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते हल्की बारिश हुई थी, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली थी, लेकिन अब एल नीनो प्रभाव के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते क्षेत्र में लू की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, वर्ष 2026 के ग्रीष्मकाल में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने के आसार हैं। वहीं, कुशीनगर में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है। दीर्घावधि औसत के मुकाबले करीब 92 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई गई है, जो वर्षा में कमी की ओर इशारा करती है।
ऐसे हालात में कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में काम सुबह और शाम के समय ही करें और दोपहर की तेज धूप से बचें। फसलों की सिंचाई भी सुबह या शाम के समय करें तथा कम मात्रा में लेकिन बार-बार पानी देने की विधि अपनाएं।
सब्जियों और अन्य संवेदनशील फसलों में मल्चिंग का उपयोग कर मिट्टी की नमी बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं, पशुओं को छायादार स्थान पर रखने और उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ व ठंडा पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने किसानों से अपील की है। उन्होंने कहा है लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां जरूर अपनाएं, ताकि फसल और पशुधन को नुकसान से बचाया जा सके।