फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवार के 5 लोग जिंदा जले: दिव्यांग मां की गोद में था दो माह की मासूम का शव, न बच्चों को बचा पाई न खुद को

Wed, 10 May 2023 10:41 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर

सार

माघी मठिया गांव के दिव्यांग शेर मोहम्मद ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बुधवार को दोपहर में उनके परिवार के सभी लोग सो रहे थे। तभी उनके घर के सामने स्थित नबीहसन की झोपड़ी में किसी वजह से आग लग गई।
विज्ञापन
अपनी तीन बेटियों के साथ शेर मोहम्मद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के माघी मठिया गांव में बुधवार दोपहर करीब दो बजे घर में आग लगने से दिव्यांग मां अपनी चार मासूम बच्चियों समेत जिंदा जल गई। मरने वालों में सबसे छोटी बच्ची केवल दो माह की है। उसका शव मां की गोद में पाया गया। दिव्यांग होने की वजह से मां न तो खुद को बचा सकी न अपनी मासूम बच्चियों को। आग घर के सामने की एक झोपड़ी से उठी थी। डीएम ने चार-चार लाख रुपये आपदा राहत कोष से देने की घोषणा की है। आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं हो पाई है।

विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, माघी मठिया गांव के दिव्यांग शेर मोहम्मद ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बुधवार को दोपहर में उनके परिवार के सभी लोग सो रहे थे। तभी उनके घर के सामने स्थित नबीहसन की झोपड़ी में किसी वजह से आग लग गई। तेज धूप और पछुआ हवा चलने के कारण शेर मोहम्मद का घर भी आग की चपेट में आ गया।

घर के सामने स्थित झोपड़ी में आग लगने के बाद शेर मोहम्मद के बच्चे पत्नी और बुजुर्ग दादा-दादी पक्के मकान में छिपने चले गए। एक कमरे में शेर मोहम्मद की पत्नी और चारों बेटियां थीं, तो दूसरे में बेटी कुलसुम छिपी थी। लेकिन आग की लपटों ने पक्के मकान को भी जद में ले लिया। जिस कमरे में पत्नी और बेटियां छिपी थीं, उसमें सामान अधिक होने के कारण आग पूरे कमरे में फैल गई, जिससे पांचों एक ही जगह जिंदा जल गईं। दूसरे कमरे में मौजूद शेर मोहम्मद के दादा-दादी और एक बेटी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना के वक्त शेर मोहम्मद ऑटो लेकर पडरौना गए थे। आग लगने की जानकारी होते ही वह बदहवास स्थिति में घर पहुंचे। घटना में शेर मोहम्मद की 32 वर्षीय पत्नी फातिमा, छह वर्ष की पुत्री रोकई, तीन साल की अमीना, डेढ़ साल की आयशा और दो माह की दुधमुंही खतीजा जिंदा जल गईं। शेर मोहम्मद के दादा 90 वर्षीय सफीद, 85 वर्षीय दादी मोतीरानी और छह साल की बेटी कुलसुम गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

आग लगने के बाद करीब चार घंटे तक गांव में अफरातफरी रही। अग्निशमन दस्ता सूचना देने के बावजूद करीब दो घंटे देरी से पहुंचा। डीएम रमेश रंजन, एसपी धवल जायसवाल, एडीएम देवीदयाल वर्मा, एसडीएम सदर महात्मा सिंह, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया सहित कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
विज्ञापन

एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस प्रशासन की तरफ से मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया गया। मरने वाली महिला दिव्यांग थी। सभी आग में घिर गईं थीं। इसलिए महिला न खुद बच सकी न बेटियों को बचा पाई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएम रमेश रंजन का कहना था कि आग अज्ञात कारण से लगी है। पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें