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Kushinagar News: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डॉक्टर से ठगी मामले में साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

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खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर जालसाजों ने डॉक्टर से कर ली थी 35.75 लाख रुपये की ठगी
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हाटा। खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर डॉक्टर से 35.75 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की छानबीन तेज कर दी गई है। पीड़ित ने अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की है।

डॉक्टर की शिकायत के अनुसार, जालसाजों ने फोन पर संपर्क कर उन्हें बंगलूरू में मानव और महिला तस्करी से जुड़े मामले में फंसाने की साजिश रची। सदाकत खान नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए दावा किया कि उसके पास से डॉक्टर के पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके बाद एक महिला ने वीडियो कॉल पर खुद को सीबीआई की आईपीएस अधिकारी नवजोत सिमी बताया। वर्दी और सरकारी प्रतीक चिह्न देखकर डॉक्टर उनकी बातों में फंस गए।
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आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सिक्योरिटी मनी जमा करने का दबाव बनाया। भयभीत डॉक्टर ने 25 सितंबर को मेरठ के गंगानगर स्थित बैंक के खाते में 25.75 लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद 30 सितंबर को लखनऊ के राजाजीपुरम स्थित बैंक खाते में 10 लाख रुपये और जमा करा दिए। इस तरह दोनों खातों में कुल 35.75 लाख रुपये पहुंच गए।
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रकम हासिल करने के बाद जालसाजों ने कथित महिला अधिकारी की बंगलूरू में गोली मारकर हत्या होने की मनगढ़ंत सूचना दी। साथ ही मोबाइल से बातचीत के संदेश और दस्तावेज मिटाने तथा किसी को जानकारी नहीं देने की चेतावनी दी। ठगों के दबाव में डॉक्टर ने पत्नी के गहने बेचकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर रकम जुटाई थी। पीड़ित डॉक्टर ने अपनी के वापस दिलाने की मांग की है।
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