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Kushinagar News: 10 फीसदी मासिक रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, कंपनी के सीईओ समेत पांच पर प्राथमिकी

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- आस्था ग्रुप की चार कंपनियों के नाम पर निवेश कराने का आरोप, पोस्ट डेटेड चेक देकर भूमिगत हुए संचालक
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- 50 हजार रुपये तक के निवेश पर आठ और इससे अधिक पर 10 फीसदी मासिक मुनाफे का दिया था लालच
- कंपनी के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ लखनऊ, देवरिया, कानपुर, बिहार और झारखंड में भी दर्ज हैं मामले
- कुशीनगर के बैजू पट्टी निवासी चंदन शर्मा पर भी प्राथमिकी दर्ज
पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर इलाके में आस्था ग्रुप की चार कंपनियों के नाम पर आठ से 10 फीसदी मासिक मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये निवेश कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शुरुआत में रॉयल्टी देने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। मूलधन लौटाने के लिए दिए गए पोस्ट डेटेड चेक की अवधि समाप्त हो गई या वे बाउंस हो गए। पीड़ित की तहरीर पर शाहपुर पुलिस ने कंपनी के सीईओ समेत पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ लखनऊ, देवरिया, कानपुर, बिहार और झारखंड में भी प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। आरोपियों में एक कुशनीगर के बैजू पट्टी का निवासी है।
देवरिया कोतवाली निवासी अधिवक्ता संजय कुमार राय ने पुलिस को दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि अविनाश सिंह खुद को आस्था रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड, आस्था जेम्स एंड ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड, ईएस टेक्नोलॉजी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड और ट्रेड आस्था इंफ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड का संस्थापक और सीईओ बताते थे। आरोपियों ने स्कीम के तहत 50 हजार रुपये तक के निवेश पर पांच फीसदी टीडीएस काटकर 12 महीने तक आठ फीसदी मासिक मुनाफा देने और एक साल बाद मूलधन लौटाने का वादा किया था। 50 हजार रुपये से अधिक के निवेश पर 10 फीसदी मासिक मुनाफे का लालच दिया गया।
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शुरुआत में लोगों ने भरोसा नहीं किया तो आरोपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने खुद को कंपनी का प्रमुख बताते हुए 10 महीने में रकम दोगुनी होने का दावा किया। मूलधन की वापसी के लिए पोस्ट डेटेड चेक देने का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद कई लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजे गए क्यूआर कोड से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की, जबकि कुछ ने नकद निवेश किया। कंपनी की ओर से चेक और रॉयल्टी की पर्चियां भी दी गईं। पीड़ित के अनुसार, कुछ समय तक रॉयल्टी देने के बाद कभी सर्वर डाउन तो कभी तकनीकी समस्या बताकर भुगतान रोक दिया गया।
रकम मांगने पर चेक बैंक में नहीं लगाने को कहा गया। बाद में कई चेक एक्सपायर हो गए और कुछ बाउंस हो गए। आरोप है कि संचालकों ने मोबाइल नंबर बंद कर लिए और भूमिगत हो गए। टेलीग्राम पर धमकी भरे संदेश भेजे गए। जूम मीटिंग में पुलिस या कोर्ट जाने वालों को सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ाकर बर्बाद करने की धमकी देने का भी आरोप है। कई निवेशकों ने कर्ज लेकर और सामान गिरवी रखकर पैसा लगाया था।
पांच आरोपियों पर प्राथमिकी, खातों की जांच
पुलिस ने हरसेवकपुर नंबर-दो के ककरहिया निवासी विश्वजीत श्रीवास्तव, रेल विहार फेज-एक निवासी चंदा श्रीवास्तव, कुशीनगर के बैजू पट्टी निवासी चंदन शर्मा, भिसवा कसया निवासी फैसल खान और देवरिया के बेलवा बाबू निवासी अविनाश सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसके साथ ही आरोपियों के खातों की जांच भी शुरू कर दी है।
वर्जन
मामले में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी से जुड़े बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की जांच में कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ यूपी, बिहार और झारखंड में पहले भी प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
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-निमिष पाटील, एसपी सिटी
गरीब परिवार से है चंदन, बाहर रहकर चलाता है पोकलेन

कसया। थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर टोला बाजूपट्टी निवासी 23 वर्षीय चंदन शर्मा पुत्र सत्यनारायण शर्मा बेहद गरीब परिवार से है। वह हैदराबाद रहकर पोकलेन चलाने का काम करता है। उसका बड़ा भाई करन शर्मा विदेश गया है। पिता सत्यनारायण शर्मा घर पर साइकिल मरम्मत कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद चंदन शांत स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाना जाता है। चंदन के पिता सत्यनारायण शर्मा ने बताया उन्हें मामले की कोई जानकारी नहीं है। छ महीने से चंदन हैदराबाद में पोकलैन गाड़ी चलाता है।
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