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‘आलू की फसल को ठंड से बचाएं किसान’

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बाकखास गांव में आलू की फसल की देखभाल करता किसान। - फोटो : KUSHINAGAR
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‘आलू की फसल को ठंड से बचाएं किसान’
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तमकुहीरोड(कुशीनगर)। सेवरही क्षेत्र में आलू की अच्छी फसल दिख रही है, लेकिन किसानों को आलू की फसल को पाला समेत अन्य रोगों से बचाव के लिए जरूरी उपाय करने चाहिए। कृषि जानकारों की मानें तो जनवरी व फरवरी में ठंड व पाले का प्रकोप बढ़ जाता है।
सेवरही क्षेत्र में आलू के भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से किसान इसकी खेती व्यावसायिक रूप से कम, घरेलू इस्तेमाल के लिए अधिक करते हैं। बाकखास, जगदीशपुर, सुमही संतपट्टी, दोमाठ, भगवानपुर, बाघाचौर, बेदूपार, राजपुरखास, विरवट कोंहवलिया, पकड़ियार पूरबपट्टी, रकबा दुलमापट्टी, सरगटिया करनपट्टी, गोसाईपट्टी, चखनी आदि गांव के किसान आलू की खेती करते हैं। क्षेत्र में दिन में धूप निकलने के बाद भी सुबह और रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में आलू की फसल को पाला लगने के अलावा अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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किसान सहदेव चौहान, ध्रुव निषाद, संजय सिंह पटेल आदि ने बताया कि इस समय आलू की खेती को पाला व घने कोहरे के साथ झुलसा, अंगमारी, अर्ली ब्लाइट जैसी बीमारियों का खतरा होता है। इससे आलू की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा गई है।
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इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार राय ने बताया कि ठंड में आलू की फसल की विशेष देखभाल करने की जरूरत है। फसल की सिंचाई और उसके आस पास धुआं करके पाले के प्रभाव को कम किया जा सकता है। कीटों और रोगों से बचाव पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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