मंसाछापर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र के कटाई भरपुरवा गांव के रेता क्षेत्र में तेंदुए की लगातार चहलकदमी से किसानों में दहशत है। दो दिन पहले एक हिरन का शिकार किए जाने के बाद सोमवार सुबह खेतों में मिले ताजा पदचिह्नों ने ग्रामीणों की आशंका को यकीन में बदल दिया। भय के कारण किसान अब खेतों की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पूर्व रेता क्षेत्र में एक हिरन मृत अवस्था में मिला था। मौके पर पहुंचे वन विभाग की टीम शव को कब्जे में लेकर चली गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद भी तेंदुए को पकड़ने या उसकी निगरानी के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।सोमवार सुबह जब किसान खेतों की ओर गए तो कई स्थानों पर पदचिह्न दिखाई दिए। जिस स्थान पर हिरन का शव मिला था, वहां सबसे अधिक पदचिह्न मिलने से ग्रामीणों में भय और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि तेंदुआ अभी भी आसपास के इलाके में मौजूद है और कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
कटाई भरपुरवा गांव से सटे बिहार के परसौनी क्षेत्र में भी तेंदुए की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। वहां वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाया गया है, लेकिन अब तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। ग्रामीणों का मानना है कि तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिससे दोनों राज्यों के वन विभाग के सामने चुनौती बढ़ गई है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों की खेती दियारा के रेता क्षेत्र में है। तेंदुए की मौजूदगी के डर से किसान खेतों की रखवाली और फसलों की देखभाल के लिए जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, निगरानी टीम तैनात करने और तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।
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सूचना मिली है, स्टॉफ को अभी मौके पर भेजने का निर्देश दिए गए हैं। -अमृता चंद रेजर खड्डा