पडरौना। संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित विभागों की समीक्षा की। डीएम ने बाढ़ सुरक्षा एवं राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। तटबंधों की मरम्मत 20 जून तक पूर्ण हो जानी चाहिए। डीएम ने खड्डा और तमकुहीराज तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में 20 जून तक अनिवार्य रूप से बाढ़ चौपाल आयोजित करने के लिए कहा।
बैठक में पूर्व में बाढ़ प्रभावित गांवों में वितरित सोलर उपकरणों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा पर भी जोर दिया गया। डीएम ने उनकी कार्यशीलता और उपयोगिता की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। राहत सामग्री की उपलब्धता के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 22 जून को टेंडर खोला जाएगा। डीएम ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने की हिदायत दी।
डीएम ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को तटबंधों पर चल रहे सभी मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य हर हाल में 20 जून तक पूर लेने के लिए निर्देशित किया। कार्य पूर्णता की तिथि में किसी प्रकार का विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा। आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना और बेहतर समन्वय के लिए डीएम ने सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को जोड़ते हुए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए। साथ ही रैट होल की स्थिति पर निगरानी समिति से नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा सार्वजनिक संबोधन प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चारे और भूसे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जर्जर भवनों का चिन्हांकन कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया।
लोक निर्माण विभाग को अतिसंवेदनशील मार्गों की मरम्मत और हेलीपैड चिन्हांकन, बिजली निगम को जर्जर तारों एवं खंभों के प्रतिस्थापन, शिक्षा विभाग को संवेदनशील विद्यालयों के वैकल्पिक संचालन तथा पंचायतीराज एवं नगर निकायों को पेयजल, स्वच्छता और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। एडीएम वैभव मिश्रा, सीएमओ डॉ. चंद्र प्रकाश आदि अधिकारी मौजूद रहे।