डूबने से हुई मौत पर परिजनों को मिलेगा मुआवजा
अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से जारी किया गया है पत्र
ऐसी घटनाओं में मौत के बाद शव का कराना होगा पोस्टमार्टम
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। कुआं, तालाब, नाले या गड्ढे में डूबे व्यक्तियों की मौत पर भी सरकार आपदा मोचक निधि से चार लाख रुपये मुआवजा देगी। बशर्ते इसका लाभ लेने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट के साथ आपदा विभाग में आवेदन करना होगा। बरसात में अक्सर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन योजना की जानकारी नहीं होने से लोग इससे वंचित हैं। इससे पहले बिजली गिरने, सर्पदंश, नाव दुर्घटना जैसे हादसों में ही मृतक के परिवार को चार लाख रुपये दिए जाते थे। कुआं, नदी, तालाब, पोखरा, नहर, नाला और जल प्रपात में डूबने से मृत्यु को भी राज्य आपदा घोषित कर दिया है। राज्य सरकार के इस फैसले से डूबने से मौत होने पर पीड़ित परिवारों को चार लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की ओर से इससे संबंधित शासनादेश जारी किया गया है। चूंकि नदी, तालाब, नहर, नाला व गड्ढे में डूबने से आए दिन मौत की घटनाएं सुनने और देखने को मिलती हैं। मृतक के परिजन इन हादसों में शवों का अंतिम संस्कार कर देते हैं। इस वजह से पीड़ित परिवारों को राज्य आपदा मोचक निधि से मदद नहीं मिल पा रही थी। लेकिन अब सरकार ने इसे भी राज्य आपदा घोषित कर दिया है। हालांकि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु आत्महत्या या आपराधिक कृत्य के कारण होती है, तो ऐसी दशा में उनके परिजनों को किसी तरह की कोई सहायता नहीं दी जाएगी। संवाद
इन घटनाओं पर पहले से मिलता है मुआवजा
प्रदेश सरकार बेमौसम भारी वर्षा/अतिवृष्टि, बिजली, आंधी-तूफान, लू-प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई व गैस रिसाव, बोरबेल में गिरने से होने वाली दुर्घटना तथा मानव वन्यजीव द्वंद आदि 11 तरह की घटनाओं को राज्य आपदा पहले से ही घोषित कर चुकी है। कुआं, नदी, तालाब, पोखरा, नहर, नाला व जल प्रपात में डूबने से हुई मौत उनके अलावा है।
सरकार ने कुआं, नदी, तालाब, पोखरा, नहर, नाला और जल प्रपात में डूबने से हुई मौतों पर भी चार लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए शव का पोस्टमार्टम कराना जरूरी है। विभाग की तरफ से इसका सर्वेक्षण कराकर मुआवजा दिलाया जाएगा।
- विंध्यवासिनी राय, एडीएम