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यूक्रेन से घर लौटे जिले के आठ मेडिकल विद्यार्थी

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यूक्रेन से घर वापसी पर मिठाई खिलाते हिमांशु भास्कर के परिजन। - फोटो : KUSHINAGAR
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यूक्रेन से घर लौटे जिले के आठ मेडिकल विद्यार्थी
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38 छात्र-छात्राओं में अब तक 28 की हो चुकी है घर वापसी
पडरौना। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जिले के आठ विद्यार्थी शुक्रवार को अपने घर पहुंचे। इनके घर वापसी पर परिजनों के चेहरे पर खिल गए। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले से कुल 38 छात्र-छात्राएं यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। इसमें से 28 विद्यार्थियों की घर वापसी हो गई है। बाकी विद्यार्थियों के घर वापसी का प्रयास किया जा रहा है।
आपदा विशेषज्ञ रवि प्रताप राय ने बताया कि यूक्रेन के विभिन्न मेडिकल विश्वविद्यालयों में जिले के 38 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने गई थीं। शेष 10 विद्यार्थियों में से एक इटली, तीन पोलैंड, एक हंग्री और एक विद्यार्थी रोमानिया में हैं। उनकी घर वापसी की व्यवस्था शासन की तरफ से की जा रही है। इसके अलावा चार विद्यार्थियों का मोबाइल फोन नंबर बंद हैं। उनके बारे में जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के लेखपालों को उनके घर भेजा गया है।
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आंबेडकर कॉलोनी निवासी यूक्रेन में पढ़ रहे बेटे को देखकर माता-पिता के अलावा घर के आसपास के लोगों के चेहरे पर खुशी छा गई। मां ने बेटे की आरती उतारी तो पिता ने मिठाई खिलाकर गले से लगा लिया। अवधेश कुमार का पुत्र हिमांशु भास्कर यूक्रेन के ईवानो फ्रैक्विस्क नेशनल मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस कर रहे हैं। रूस से जब लड़ाई छिड़ी तो हॉस्टल में थे। उन्होंने बताया कि युद्धा शुरू होने के पहले सबकुछ समान्य था, लेकिन जैसे ही लड़ाई शुरू हुई अफरातफरी मच गई। उन्होंने बताया कि 25 फरवरी की सुबह किसी तरह से बस से रोमानिया के लिए निकल पड़े, लेकिन बस ने रोमानिया देश के बॉर्डर से करीब 12 किमी पहले ही छात्र-छात्राओं को छोड़ दिया। इसके बाद सभी पैदल रोमानिया की सीमा तक पहुंचे। वहां 26 फरवरी की रात करीब एक बजे एक-एक कर छात्र-छात्राओं को रोमानिया देश में प्रवेश मिला।
बमबारी की कहानी सुन बेचैन हो जा रहे परिजन
खड्डा। यूक्रेन में फंसे क्षेत्र के दो छात्र शुक्रवार सुबह घर पहुंचे। बेटे को देख परिजनो में खुशी की लहर दौड़ गई। इन छात्रों ने रोमानिया बॉर्डर पार करने में भारतीय झंडे के योगदान तथा भीड़ नियंत्रण के लिए सेना की हवाई फायरिंग, बमबारी में घंटों लाइन में खड़ा होने आदि जब बात बताई तो परिजन बेचैन हो गए।
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कस्बे के वार्ड संख्या पांच के शिक्षक श्यामसुंदर वर्मा का पुत्र अखिल कुमार वर्मा और दवा कारोबारी किशोर पाल का पुत्र मोहन पाल वर्ष 2018 में मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गए थे। अखिल वर्मा यूक्रेन के युवानो और मोहन पाल विनीसिया के मेडिकल युनिवर्सिटी में एमबीबीएस के चौथे वर्ष के छात्र हैं।
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