शिक्षित होगी बेटियां, तभी होगा सशक्तीकरण
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत इंडियन पब्लिक स्कूल में नारी सशक्तीकरण कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
हाटा(कुशीनगर)। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत हाटा के इंडियन पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को आयोजित नारी सशक्तीकरण कार्यक्रम में बालिका शिक्षा पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य शिवदत्त सिंह, एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी, विद्यालय प्रबंधक डॉ. ज्ञानेश सिंह आदि ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ किया। उसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का सम्मान किया।
डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सरकार भी महिलाओं के उत्थान और उनके विकास को लेकर काफी सजग है। सरकार चाहती है कि बेटियां लोगों की बोझ न लगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने हाल ही में कन्या सुमंगला योजना चालू की है। इसमें बेटी के पैदा होने से लेकर उसकी शिक्षा के लिए सरकार धन देने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि पूरा समाज तभी विकसित होगा, जब बेटों के साथ बेटियां भी शिक्षित हों। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं से बेटियों की शिक्षा पर भी पूरा ध्यान देने की अपील की। इसके साथ-साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी ध्यान देने की गुजारिश की।
एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि काफी पहले बच्चियां बहुत कम संख्या में स्कूल जाती थीं, लेकिन जागरूकता के कारण आज स्थिति बदली है। आज हर घर की बच्ची न सिर्फ स्कूल जा रही है, बल्कि हर क्षेत्र में अव्वल भी आ रही है। समाज में महिलाओं और बच्चियों को लेकर जो थोड़ी बहुत भेदभाव रह गया है, उसे भी दूर करना जरूरी है।
सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू पांडेय ने कहा कि आज भी बेटे और बेटियों में भेद भाव हो रहा है और इसके लिए सबसे अधिक दोषी महिलाएं ही हैं, क्योंकि आज भी देखा जाता है कि बेटे के पैदा होने पर मां जितना खुश होती है, उतना खुश बेटी के पैदा होने पर नहीं होती है। जिस दिन यह यह भेदभाव समाप्त हो जाएगा, उसी दिन हमारे समाज में असल में महिला सशक्तीकारण आ जाएगा। बहू-बेटी में जिस दिन भेद समाप्त होगा, तभी सही मायने में महिलाएं सशक्त होंगी।
नगर पालिका अध्यक्ष मोहन वर्मा ने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए सिर्फ सरकारों को नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग और सक्षम लोगों को आगे आना होगा। महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ उनके परिवार ही नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही है।
इंडियन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉ. ज्ञानेश सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत और आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बुद्ध इंटर कॉलेज कुशीनगर के पूर्व प्रधानाचार्य शिवदत्त सिंह ने की। संचालन जमशेद बेग ने किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य वाचस्पति दूबे, डॉ. विजय लक्ष्मी घोष, डॉ. राजीव रंजन, वेद प्रकाश उपाध्याय, जयश्री, पूजा चौधरी, रेखा वर्मा, संजय वर्मा, आयुष श्रीवास्तव, विद्यासागर तिवारी, रामाश्रय दूबे, इरफान खान, आशीष, उमेश चौबे, डॉ. एसपी सिंह आदि मौजूद रहे।
जागरूकता से ही होगा महिलाओं का उत्थान
छात्रा बंशिका सिंह ने कहा कि महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता जरूरी है। कार्यक्रम में मिली जानकारियों को अमल लाने से ही इसकी सार्थकता सिद्ध होेगी। शिक्षिका रितिका ने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं और किशोरियों में आत्मनिर्भरता का भाव जागृत कर रहा है। बालिकाओं के विकास में यह भाव जरूरी है। प्रतिभा दूबे ने कहा कि महिलाओं के हित में होने वाले कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि नारी सशक्तीकरण की दिशा में वह हर मुमकिन कोशिश करेंगी। ब्यूटी उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं की जागरूकता से ही समाज में अपेक्षित बदलाव होगा। यह कार्यक्रम सकारात्मक सोच उत्पन्न करने का कामयाब माध्यम है। सोनी राव ने कहा कि महिलाओं में जागरूकता के साथ समाज की भी सोच बदलेगी। स्वर्ण लता सिंह ने कहा कि महिलाओं को स्वयं भी अपने अधिकारों के प्रति और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना पड़ेगा तभी महिलाओं का उत्थान संभव है।