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ओमिक्रॉन से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने किए मुकम्मल इंतजाम

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ओमिक्रॉन से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने किए मुकम्मल इंतजाम
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- कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से बचाव को लेकर तैयारी है पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। राष्ट्रीय कोविड सुपर मॉडल समिति ने साल 2022 की शुरुआत में तीसरी लहर की भविष्यवाणी कर दी है। बताया गया है कि कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन इस तीसरी लहर का कारण बनेगा, जो फरवरी तक उफान पर होगा। ऐसी स्थिति में हर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं कितनी मुकम्मल हैं, इसकी पड़ताल की गई। पिछली लहर में ऑक्सीजन की कमी के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार भरपूर इंतजाम किए गए हैं। अकेले जिला अस्पताल और कोविड हॉस्पिटल में ही चार ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर कोविड हॉस्पिटल को 100 बेड या उससे भी अधिक मरीज आने पर 200 तक क्षमता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य महकमा तैयार है। अलबत्ता संक्रमण के खतरे को लेेकर लोगों में सतर्कता बहुत कम दिख रही है।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने जनपद में काफी कहर बरपाया था। मरीजों को ऑक्सीजन की कमी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा था। यही वजह रही कि महामारी थमने के बाद शासन-प्रशासन ने सबसे पहले ऑक्सीजन की कमी की समस्या दूर करने पर जोर दिया गया। अब जिला अस्पताल में दो और बगल में स्थित कोविड हॉस्पिटल में भी दो ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों की तरफ से उपलब्ध कराए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी सुरक्षित रखे हुए हैं।
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अन्य अस्पतालों में भी लग चुके हैं ऑक्सीजन प्लांट-
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सपहां, सेवरही, खड्डा और छितौनी सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। वहां मरीजों को भर्ती करने के लिए 50-50 बेड की व्यवस्था कर दी गई है। यदि मरीजों को भर्ती करने की स्थिति उत्पन्न होती है तो डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉफ तैनात करने के साथ ही ऑक्सीजन आपूर्ति भी शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा पडरौना शहर के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में भी एक ऑक्सीजन प्लांट लगा है, हालांकि इसमें थोड़ी तकनीकी समस्या है, जिसे तकनीकी विशेषज्ञों से ठीक कराया जा रहा है।
400 टीमें वंचित लोगों को लगा रही टीका
स्वास्थ्य विभाग की मानी जाए तो कोविड टीकाकरण में तेजी लाने के लिए डीएम के निर्देश पर 400 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन-तीन सदस्य हैं। यह घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित लोगों का पता लगाकर उन्हें टीका लगा रही हैं।
विदेश या बड़े शहरों से आने वाले लोगों की हो रही जांच
सीएमओ की मानी जाए तो कुशीनगर से हवाई यात्रा शुरू होने के बाद से जनपद में 700 से अधिक लोग विदेश से अपने घर आ चुके हैं। वैसे तो एयरपोर्ट पर उनकी टेेस्टिंग हो ही रही है, घर आने पर भी उन पर पूरी नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों को होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया जा रहा है। इसके अलावा आने के एक सप्ताह बाद पुन: कोविड जांच कराई जा रही है। ताकि संक्रमण से हर कोई सुरक्षित रहे।
अस्पताल में भी नहीं बरती जा रही सावधानी
जिला अस्पताल में दूर-दूर से मरीज आते हैं, लेकिन मरीज हों या स्वस्थ लोग, कोविड संक्रमण को लेकर सचेत नहीं दिख रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में लोग बिना मास्क लगाए या दो गज की दूरी का पालन किए इधर-उधर नजर आए। वह भी तब, जब इस महामारी का खतरा एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।
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सीएमओ ने किया सचेत
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने कहा कि कोविड संक्रमण जैसे हालात इस जिले में न आएं, इसलिए पहले ही सावधानी बरती जा रही है। छूटे हुए प्रत्येक व्यक्ति का टीकाकरण करने के लिए 400 टीमें प्रतिदिन लगाई जा रही हैं। इसके अलावा विदेश या बड़े शहरों से आने वाले लोगों की कोविड जांच कराई जा रही है। कुशीनगर में एयरपोर्ट शुरू होने के बाद से 700 से अधिक लोग आए हैं। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए जिला अस्पताल और कोविड हॉस्पिटल में दो-दो ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में हैं। एमसीएच को 100 बेड के एल-2 हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया जाएगा। यदि उसके बाद भी आवश्यकता पड़ती है तो संसाधन बढ़ाते हुए इसे 200 बेड का कर दिया जाएगा। शुरुआत में यह सर्दी, खांसी, जुकाम से बीमारी बढ़ती है। इस मर्ज के डॉक्टर हमारे पास उपलब्ध हैं। लोगों को चाहिए कि मास्क का उपयोग करें, सोशल डिस्टेंसिंग भी अपनाएं।
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