छितौनी। डिप्टी सीएम से शिकायत के बाद शनिवार को न्यू पीएचसी छितौनी तय समय पर खुला और सीएचओ कृष्ण प्रताप शर्मा ने अस्पताल आने वाले मरीजों का इलाज किया। जब तक विभाग की ओर से स्थायी किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं होगी तब तक सीएचओ या तुर्कहा सीएचसी से डॉक्टर आकर मरीजों का इलाज करेंगे। उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंचने के बाद फार्मासिस्ट अवकाश पर चला गया है।
नगर पंचायत छितौनी में स्थित न्यू पीएचसी पर महीने से डॉक्टर का पद रिक्त चल रहा। इससे क्षेत्रीय लोगों को इलाज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय की पहल पर सीएमओ ने सुकरौली सीएचसी पर तैनात डॉ. अनिल सिंह का स्थानांतरण न्यू पीएचसी छितौनी पर जनवरी में कर दी, लेकिन हाटा विधायक मोहन वर्मा के दबाव में फिर सीएमओ ने डॉक्टर के स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया। इसके चलते पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट वार्ड ब्वॉय लैब टेक्निशियन मरीजों का इलाज करते हैं। शुक्रवार को फार्मासिस्ट शैलेश तिवारी भी पीएचसी में नहीं थे। अस्पताल पहुंचे मरीजों का लैब टेक्नीशियन व वार्ड ब्वॉय इलाज कर रहे थे। किसी ने इसकी सूचना खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय को दी, जिसके बाद विधायक ने सीएमओ को फोन लगाया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विधायक ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से इसकी शिकायत की। इसके बाद प्रमुख सचिव के निर्देश पर सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी प्रभारी तुर्कहा पीएन गुप्ता को न्यू पीएचसी छितौनी जाकर मरीजों का इलाज करने के निर्देश दिए।
सीएचसी प्रभारी ने इलाज किया और स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रत्येक दिन कोई न कोई जिम्मेदार यहां मरीजों के इलाज के लिए मौजूद रहेगा। शनिवार को सीएचओ कृष्ण प्रताप शर्मा ने 35 से अधिक मरीजों का इलाज किया, लेकिन लैब टेक्नीशियन के न पहुंचने से लोगों के खून की जांच नहीं हो सकी। पीएचसी पर इलाज के लिए पहुंचे केदार गिरी, पप्पू यादव ने बताया कि डॉक्टर ने इलाज तो किया है लेकिन जांच की सुविधा नहीं मिल पाई है।