पडरौना। डीपीआरओ ने जंगल अमवा, जंगल खिरकिया, जंगल नाहर छपरा, जंगल कुरमौल, खेसिया और पटेरा बुजुर्ग का निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण में जगह-जगह खामियां मिलीं। इसको गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने संबंधित जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए तत्काल साफ-सफाई कराने और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए।
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी सबसे पहले जंगल अमवा का निरीक्षण किया। इस दौरान गांव के कुछ स्थानों पर गंदगी मिली। इसके बाद वे जंगल खिरकिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गांव में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। साफ-सफाई के लिए मजदूर, ट्रैक्टर-ट्राली, जेसीबी आदि नहीं लगाई थी। मुसहर बस्ती में गंदगी का अंबार था। कच्चा सोख्ता गड्ढा बना मिला, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका थी।
जंगल नाहर छपरा गांव के निरीक्षण में कुछ स्थानों पर गंदगी मिली। इसी तरह उन्होंने ग्राम पंचायत जंगल कुरमौल का निरीक्षण करने के बाद विशुनपुरा ब्लॉक के खेसिया पहुंचे। वहां साफ-सफाई के लिए मजदूर, ट्रैक्टर-ट्राली, जेसीबी आदि लगी नहीं मिली। सड़क के दोनों तरफ बाजार में गंदगी का अंबार लगा मिला है।
उन्होंने गांव के सचिव को पटकार लगाते हुए चेताया कि इस तरह की स्थिति कर्तव्यों के प्रति लापरवाही एवं घोर अनुशासनहीनता का द्योतक है।
पटेरा बुजुर्ग गांव के निरीक्षण में भी डीपीआरओ को कमियां मिली। निरीक्षण के समय गांव के मुसहर बस्ती में दो हैंडपंप खराब मिले। गांव के लोग छिछले हैंडपंप से पानी पी रहे थे। इसको गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ ने छिछले हैंडपंप पर लाल क्रास निशान लगवाने का निर्देश दिए।