पिपराझाम में डायरिया का प्रकोप, 20 से अधिक बीमार
गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम, शुरू किया इलाज
चार सितंबर को हुई थी 12 वर्षीय राजा की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
कसया। पिपराझाम गांव में 20 से अधिक लोग डायरिया की चपेट में हैं। एक सप्ताह पहले 12 वर्षीय बालक की मौत भी हो चुकी है। पीड़ित इधर-उधर इलाज करा रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और पीड़ितों को दवाएं दी। बीमारी का कारण दूषित पेयजल बताया जा रहा है।
कसया ब्लाक के गांव पिपरा झाम में एक सप्ताह से डायरिया का प्रकोप है। चार सितंबर को यहां के उदय का 12 वर्षीय पुत्र राजा को उल्टी-दस्त होने लगी। परिजनों ने झोलाछाप से इलाज करवाया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में राजा की मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि बीमारी फैलती जा रही है। कई लोग अपने परिजनों का इलाज देवरिया और गोरखपुर के प्राइवेट अस्पतालों में करा रहे हैं। मंगलवार को विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी के पुत्र दिव्येंदु मणि त्रिपाठी सीएचसी से डॉक्टरों की टीम के साथ पहुंचे। डॉक्टरों ने ओमप्रकाश जायसवाल, सरस्वती देवी, रेशमा देवी, रिंकी, अजोरिया देवी, सिक्का कुमारी, प्रभु सिंह, सोनम, रामेश्वर सिंह, सीमा सिंह, अनुष्का पटेल, बेबी देवी आदि की जांचकर दवाएं दी। सीएचसी अधीक्षक मारकंडेय चतुर्वेदी ने बताया कि पीड़ितों का गांव में इलाज शुरू किया गया है। अन्य एहतियाती उपाय भी किए जा रहे हैं।
दूषित पेयजल से फैल रही है बीमारी
तीन वर्ष पहले पिपराझाम सहित आसपास के गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। आधी-अधूरी पाइप लाइन से जल निगम ने सप्लाई शुरू कर दी। काम अधूरा होने से ग्राम प्रधान दुर्गावती देवी ने ओवरहेड टैंक का हस्तांतरण स्वीकार नहीं किया। लोगों का कहना है कि सप्लाई होते ही लीकेज के चलते कई जगह पानी बहने लगता है। बाद में गंदा पानी पाइप में आ जाता है।
जांच कराकर होगी कार्रवाई : डीएम
डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी है। पीड़ितों के उपचार की व्यवस्था कराई जा चुकी है। जरूरत पड़ने पर जिला से भी स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी। गांव में मरीजों की पल-पल की स्थिति की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ले रहे हैं। दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जल निगम के सहायक अभियंता सचिन सिंह ने कहा कि क्षेत्र के जेई प्रमोद कुमार त्रिपाठी से डेढ़ माह पूर्व लीकेज की जानकारी मिली थी। अभी विभागीय कार्य से गोरखपुर हूं। बुधवार को पेयजल जांच के लिए टीम भेजूंगा। सीएचसी अधीक्षक डा. मारकंडेय चतुर्वेदी ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम कैंप कर रही है। मरीजों को बेहतर उपचार किया जा रहा है। दूषित पेयजल से ही इतनी बड़ी संख्या में लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। ग्राम प्रधान दुर्गावती देवी ने कहा कि दूषित पानी आपूर्ति के लिए जलनिगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसका नतीजा है कि गांव के लोग डायरिया से पीड़ित हैं।