खड्डा। नगर पंचायत छितौनी में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सभासद एकता परिषद ने एक बार फिर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिषद का आरोप है कि पूर्व में शिकायतों और प्रारंभिक कार्रवाई के बावजूद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, इनमें जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है।
सभासदों ने जिलाधिकारी को सौंपे पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पंचायत में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त किए गए कई सफाईकर्मी अध्यक्ष के रिश्तेदार हैं और बिना कार्य किए वेतन प्राप्त कर रहे हैं। परिषद ने ऐसे लगभग 48 कर्मचारियों की सूची तैयार कर जांच के लिए प्रशासन को सौंपी है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि 20 मार्च 2026 को नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने आउटसोर्स एजेंसी विराट एसोसिएट्स, वासुदेव को पत्र भेजकर 24 कर्मचारियों को जांच के दायरे में बताते हुए उन्हें वापस लेने का निर्देश दिया था।
आवश्यकता पड़ने पर दोबारा बुलाने की बात कही थी। इसके बावजूद न तो जांच किसी ठोस निष्कर्ष तक पहुंची और न ही जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई हुई। सभासदों ने नगर क्षेत्र में लगाए जाने वाले लगभग 900 से 1000 सीमेंटेड बेंचों के भुगतान पर भी सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि भुगतान हो चुका है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर बेंच मौजूद नहीं हैं। सभासद एकता परिषद के अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता, रुस्तम अंसारी, कुशवाहा, दिलीप कुशवाहा, छोटेलाल शर्मा और आलोक चौरसिया सहित अन्य सदस्यों दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।